अन्याय, पाप, शोषण और लूट की नगरी गुरुग्राम में रहता हूं- पलायन को दिल चाहता है लेकिन संत कबीर वाणी…
गुस्ताख़ी माफ़, हरियाणा: — पवन कुमार बंसल
मैं इन दिनों गुरुग्राम में रह रहा हूँ—एक ऐसा शहर, जो आजकल अन्याय, शोषण और अनियमितताओं की कहानियों से भरा हुआ प्रतीत होता है। कई बार यहाँ से पलायन करने का मन होता है, पर तभी संत कबीर की वाणी याद आती…
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