ज़ायरा जैसी बेटियाँ हैं समाज के लियें रौशनी – सैयद मोहतशम मुजतबा
रामपुर: जिन घरों में सपनों से ज़्यादा ज़रूरतों की बात होती है, वहां से जब कोई बच्चा सफलता की ऊँचाइयों को छूता है, तो वो सिर्फ एक परीक्षा पास नहीं करता, बल्कि समाज की सोच बदल देता है। ऐसा ही एक उदाहरण बनी है एक ई रिक्शा चालक की बेटी ज़ायरा,…
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