संसद में समोसे की कीमत पर चर्चा, लेकिन प्राइवेट स्कूल की किताबों की कीमत पर चुप्पी
संवाददाता - मनोज कुमार यादवदेश की सबसे बड़ी पंचायत यानी संसद में जब बहस का मुद्दा समोसे की कीमत बन जाए, तो यह न सिर्फ विडंबना है बल्कि आम जनता की प्राथमिकताओं के साथ एक क्रूर मज़ाक भी है। देश के करोड़ों माता-पिता जिनकी कमर प्राइवेट…
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