लखीसराय की तबस्सुम परवीन ने मैट्रिक में जिले में 9वां स्थान पाया, भव्य सम्मान समारोह आयोजित

लखीसराय जिले के किऊल थाना क्षेत्र अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय घोषीकुंडी की मेधावी छात्रा, गोड्डीह ग्राम निवासी मो. इस्लाम की पुत्री तबस्सुम परवीन ने मैट्रिक परीक्षा 2026 में जिले में 9वां स्थान प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के उपलक्ष्य में जिला वक्फ बोर्ड, उर्दू एक्शन कमेटी लखीसराय तथा खिदमत फाउंडेशन, बिहार के संयुक्त तत्वावधान में गोड्डीह ग्राम स्थित प्राथमिक विद्यालय (अल्पसंख्यक टोला) के प्रांगण में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में तबस्सुम परवीन और उनके माता-पिता को बुके, अंगवस्त्र एवं नगद राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनकी सफलता का स्वागत किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अध्यक्ष सरफराज आलम ने कहा कि यह पूरे लखीसराय जिले के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर खुशी जताई कि अल्पसंख्यक समुदाय की बेटी ने कठिन परिश्रम और लगन के बल पर यह मुकाम हासिल किया है, जो अन्य छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।

उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रसिद्ध कथन—“शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो पिएगा वह दहाड़ेगा”—का उल्लेख करते हुए शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जो व्यक्ति को समाज में सम्मान और पहचान दिलाती है। बिना शिक्षा के इंसान सामाजिक रूप से दृष्टिहीन हो जाता है, इसलिए सभी अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों, विशेषकर बेटियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें।

वक्ताओं ने यह भी कहा कि तबस्सुम परवीन की सफलता यह साबित करती है कि यदि संकल्प मजबूत हो और मेहनत सच्ची हो, तो सीमित संसाधनों के बावजूद भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं को लक्ष्य निर्धारित कर नियमित अध्ययन करने और समय का सदुपयोग करने की सलाह दी।

इस अवसर पर खिदमत फाउंडेशन, बिहार के सचिव फैयाज रहमानी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीण, अभिभावक और छात्र-छात्राएं कार्यक्रम में शामिल हुए और तबस्सुम की सफलता पर खुशी जाहिर की।

कार्यक्रम का समापन छात्र-छात्राओं को प्रेरित करने और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के संदेश के साथ हुआ।

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