मुरादाबाद। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और संस्थापक सदस्य आज़म ख़ान की रिहाई के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इस मामले पर पूर्व सपा सांसद डॉ. एसटी हसन ने मीडिया से बातचीत में तीखा बयान दिया है।
फ़र्ज़ी मुकदमों में फंसे आज़म ख़ान
एसटी हसन ने कहा,
“आज़म ख़ान साहब को फ़र्ज़ी मुकदमों में फंसाया गया था। वह समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य हैं। उनकी रिहाई से पार्टी और मज़बूत होगी।”
बसपा ज्वाइन करने की अफवाह खारिज
जब उनसे पूछा गया कि क्या आज़म ख़ान बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में जा सकते हैं, तो हसन ने साफ किया –
“आज़म ख़ान पैदाइशी समाजवादी हैं। उन्होंने इस पार्टी के लिए मेहनत की है। ऐसे में पार्टी छोड़ना संभव नहीं है।”
समाजवादी पार्टी को नुकसान?
एसटी हसन ने कहा कि आज़म ख़ान अलग हुए तो थोड़ा बहुत नुकसान होगा, लेकिन पार्टी पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
“समाजवादी पार्टी से लोग वैसे ही जुड़े हैं जैसे पहले थे। मुसलमान किसी एक नेता की वजह से जुड़े नहीं हैं।”
दरार की पृष्ठभूमि
लोकसभा चुनाव 2024 में चर्चा रही थी कि एसटी हसन का टिकट काटकर आज़म ख़ान के कहने पर रुचि वीरा को दिया गया था, जिससे दोनों नेताओं के बीच खटास बढ़ गई और हसन को पार्टी में साइडलाइन कर दिया गया।
