उत्तर प्रदेश में वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित विधवा महिला पेंशन और दिव्यांगजन पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाएं गरीब, असहाय और वंचित वर्गों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बनी हुई हैं। ये सभी योजनाएं एकीकृत सामाजिक पेंशन योजना (SSPY-UP) के तहत संचालित की जा रही हैं, जिनका प्रबंधन राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। पात्र लाभार्थियों को पेंशन की राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से दी जाती है।
2017 से पहले, समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में इन योजनाओं के तहत मासिक पेंशन मात्र 300 रुपये थी। वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद इसे बढ़ाकर 500 रुपये किया गया। इसके बाद योगी सरकार ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए पेंशन राशि को 1000 रुपये प्रतिमाह कर दिया, जिससे लाखों लाभार्थियों को राहत मिली।
500 रुपये की बढ़ोतरी का प्रस्ताव
अब योगी सरकार 2027 विधानसभा चुनाव से पहले एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांगजन पेंशन योजनाओं में 500 रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी प्रस्तावित है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो मासिक पेंशन 1000 रुपये से बढ़कर 1500 रुपये हो जाएगी। यह योगी सरकार के कार्यकाल में पेंशन राशि की तीसरी बढ़ोतरी होगी, जिसे सामाजिक कल्याण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव की घोषणा बजट 2026-27 या आने वाले महीनों में की जा सकती है। सरकार ने संबंधित विभागों से पेंशन बढ़ोतरी के बाद होने वाले अतिरिक्त व्यय का आकलन भी मांगा है।
लाखों लाभार्थियों को मिलेगा लाभ
वर्तमान में राज्य में पेंशनधारकों की संख्या काफी बड़ी है—
वृद्धावस्था पेंशन: लगभग 67.50 लाख लाभार्थी, जिनके लिए आयु सीमा 60 वर्ष से अधिक है और वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्र में 46,080 रुपये तथा शहरी क्षेत्र में 56,460 रुपये से कम होनी चाहिए।
निराश्रित विधवा महिला पेंशन: करीब 40 लाख महिलाएं इस योजना से जुड़ी हैं।
दिव्यांगजन पेंशन: 11.5 लाख से अधिक दिव्यांगजन लाभ ले रहे हैं।
कुल मिलाकर इन योजनाओं से एक करोड़ से ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं, और प्रस्तावित बढ़ोतरी का असर उनके परिवारों सहित करोड़ों लोगों तक पहुंचेगा।
पारदर्शिता और तकनीक पर जोर
सरकार का फोकस पेंशन वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने पर है। आधार लिंक्ड बैंक खातों में सीधा हस्तांतरण, फेशियल रिकग्निशन जैसी तकनीकों के जरिए फर्जीवाड़ा रोकने और पात्र लाभार्थियों को समय पर लाभ सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
महंगाई के इस दौर में यह कदम बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों की आर्थिक सुरक्षा को और मजबूत करेगा। योगी सरकार पहले ही पेंशन वितरण को डिजिटल बना चुकी है और लाखों नए लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ चुकी है। यदि पेंशन बढ़ोतरी की घोषणा होती है, तो यह गरीब कल्याण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।
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