हरदोई में स्मार्ट प्रीपेड मीटर घोटाला: चेक मीटर में 85 यूनिट, स्मार्ट मीटर में 462 यूनिट दर्ज; उपभोक्ता परिषद ने उठाए गंभीर सवाल

लखनऊ/हरदोई। उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटरों की गड़बड़ी पर बड़ा खुलासा हुआ है। हरदोई जिले में लगभग 9 उपभोक्ताओं ने मीटर तेज चलने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर चेक मीटर लगवाए गए, जिसमें पहली बार सामने आया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर चार गुना से ज्यादा तेज चल रहा है।

उपभोक्ता अंकुश गुप्ता के घर लगे स्मार्ट प्रीपेड मीटर में 462 यूनिट दर्ज हुए, जबकि वहीं लगाए गए चेक मीटर में केवल 85 यूनिट दर्ज हुए। यानी मीटर ने 377 यूनिट ज्यादा दिखाए। यही नहीं, स्मार्ट मीटर में जहां 3 किलोवाट 350 वाट भार दर्ज हुआ, वहीं चेक मीटर में केवल 860 वॉट ही भार दर्ज हुआ।

39 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटरों पर उठे सवाल

प्रदेश में लगभग 39 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए गए हैं। नियमानुसार 5% यानी करीब 2 लाख चेक मीटर इनकी मिलान रिपोर्ट के लिए लगाए जाने चाहिए थे। लेकिन आज तक कोई रिपोर्ट भारत सरकार को नहीं भेजी गई। जबकि भारत सरकार ने हर माह चेक मीटर व स्मार्ट मीटर की मिलान रिपोर्ट भेजना अनिवार्य किया है।

इस गंभीर मामले को लेकर क्षेत्रीय रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन (REC) ने भारत सरकार को अवगत कराया है। REC के क्षेत्रीय प्रोग्राम मैनेजर एस.एस. गुप्ता ने भारत सरकार के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, आरडीएसएस और रेक्टिफिकेशन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया को रिपोर्ट भेजते हुए कहा है कि बार-बार बिजली कंपनियों से चेक मीटर की मिलान रिपोर्ट मांगी गई लेकिन नहीं दी गई।

उपभोक्ता परिषद का बयान

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतें बिल्कुल सही हैं। उन्होंने मामले को मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के निदेशक (वाणिज्य) योगेश कुमार और क्षेत्रीय अधिकारियों को अवगत कराते हुए दोषपूर्ण मीटर बदलने व बिल संशोधित करने का निर्देश दिया है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सभी चेक मीटरों की जांच गंभीरता से नहीं की गई तो उपभोक्ताओं का भरोसा बिजली कंपनियों से पूरी तरह उठ जाएगा।

 

 

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