गुरूवार को श्रीराम विजयदशमी के अवसर पर नगर में भव्य आयोजन हुआ, जिसमें बारिश के बावजूद श्री रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले दहन में स्थानीय नागरिकों और नेताओं ने भाग लिया। इस अवसर पर जनता से अपील की गई कि हमें अपने अंदर के अहंकार, मद, स्वार्थ और बुराई के रावण का नाश कर राष्ट्र और लोक हित में प्रेम, जीवन और श्रीराम के आदर्शों का पालन करना चाहिए।
**नारी शक्ति और सामाजिक सुधार पर जोर**
पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ, ज्योतिषाचार्य और सूर्यदेव उपासक (मुरादनगर–मोदीनगर) ने कहा कि नारी शक्ति केवल कथन के लिए नहीं, बल्कि अच्छे इंसान को करनी के धरातल पर लाने के लिए सक्रिय करनी चाहिए। उन्होंने इस अवसर पर समाज में सद्भाव, नैतिकता और अच्छाई फैलाने का संदेश दिया।
**भव्य कार्यक्रम और जनता की सहभागिता**
बारिश के बावजूद लोगों ने उत्साह के साथ पुतले दहन में भाग लिया। आयोजन में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने भी भाग लेकर बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक दर्शाया।
इस कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश गया कि विजयदशमी केवल पुतले जलाने का पर्व नहीं, बल्कि आत्म सुधार, नैतिकता और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रतीक है।
