नई दिल्ली: कलियुग के अंत को लेकर एक बार फिर भविष्यवाणियों की चर्चा तेज हो गई है। प्राचीन ग्रंथों और मान्यताओं के अनुसार, कलियुग में भी महाभारत जैसे युद्ध होने की बात कही गई है, जिसे सुनकर लोग हैरान हैं।
बताया जाता है कि ‘भविष्य मालिका’ नामक ग्रंथ में कलियुग से जुड़ी कई अहम भविष्यवाणियां दर्ज हैं। इस ग्रंथ को ओडिशा के संत अच्युतानंददास द्वारा लगभग 500 वर्ष पहले लिखा गया माना जाता है। इसमें जगन्नाथ पुरी मंदिर से जुड़ी घटनाओं के आधार पर कलियुग के अंत के संकेत बताए गए हैं।
ग्रंथ के अनुसार, कलियुग के अंतिम समय में दुनिया में अधर्म और अराजकता बढ़ेगी, जिसके बाद एक बड़े युद्ध की स्थिति बनेगी, जिसे महाभारत जैसा बताया गया है। यह भी कहा गया है कि इस युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण के बजाय उनके भाई बलराम की भूमिका देखने को मिल सकती है।
भविष्य मालिका में यह भी दावा किया गया है कि इसकी कई भविष्यवाणियां पहले ही सच साबित हो चुकी हैं। इनमें जगन्नाथ मंदिर के गुंबद पर पक्षियों का बैठना और मंदिर के ध्वज में आग लगने जैसी घटनाएं शामिल बताई जाती हैं।
हालांकि, इन भविष्यवाणियों को लेकर विद्वानों की अलग-अलग राय है। कई विशेषज्ञ इसे आस्था और धार्मिक मान्यता से जोड़कर देखते हैं, जबकि कुछ लोग इसे प्रतीकात्मक मानते हैं।
फिलहाल, इन दावों ने लोगों के बीच जिज्ञासा जरूर बढ़ा दी है, लेकिन इनके सच होने को लेकर कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. इस तरह की किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें
