पुलिस महानिरीक्षक विंध्याचल परिक्षेत्र मीरजापुर की समीक्षा बैठक: अपराध नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था को लेकर दिये कड़े निर्देश
- रिपोर्ट- मंजय वर्मा
मीरजापुर। पुलिस महानिरीक्षक विंध्याचल परिक्षेत्र आर.पी. सिंह ने कैम्प कार्यालय मीरजापुर में परिक्षेत्र के पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक कर अपराध नियंत्रण, कानून एवं शांति व्यवस्था तथा अपराध संबंधी आंकड़ों की तुलनात्मक समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अपराध और अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के स्पष्ट निर्देश दिए।
आईजी ने कहा कि कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने की मंशा रखने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। लंबित विवेचनाओं का शीघ्र निस्तारण, वांछित/पुरस्कार घोषित अपराधियों एवं वारंटियों की गिरफ्तारी, भूमि विवादों का समाधान दिवस पर राजस्व विभाग के सहयोग से निस्तारण, रात में चौराहों/तिराहों पर चेकिंग बढ़ाने और पिछले 10 वर्षों से सक्रिय अपराधियों का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने अवैध शराब, अवैध शस्त्र रखने और बेचने वालों, टॉप-10 अपराधियों, माफिया एवं महिला संबंधी अपराधों में कठोर कार्रवाई करने पर जोर दिया। साथ ही गो-तस्करों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई, उनकी चल/अचल संपत्ति जब्त करने तथा वाहनों को शासनादेश के अनुसार सीज करने के आदेश दिए।
आईजी ने कहा कि पॉक्सो एक्ट के मुकदमों में शीघ्र विवेचना पूरी की जाए और ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को अधिक से अधिक सजा दिलाई जाए। मादक पदार्थ तस्करों पर निरोधात्मक कार्रवाई और अधिकतम बरामदगी सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके अलावा ई-साक्ष्य ऐप और वैज्ञानिक तरीकों से विवेचनाओं के निस्तारण पर विशेष बल दिया गया।
उन्होंने निर्देशित किया कि महिला बीट आरक्षियों द्वारा क्षेत्र में जाकर जनचौपाल लगाकर महिलाओं व बच्चियों को जागरूक किया जाए। साइबर थानों को जनजागरूकता अभियान चलाने और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।
सोशल मीडिया पर निगरानी
आईजी ने कहा कि ट्विटर, व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे सभी प्लेटफॉर्म पर सतत निगरानी रखी जाए। भ्रामक व आपत्तिजनक पोस्ट पर तुरंत संज्ञान लेकर खंडन किया जाए और अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही स्थानीय अभिसूचना इकाई को भी संवेदनशील गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को यह भी निर्देशित किया कि थाने पर आने वाले प्रत्येक पीड़ित के साथ सद्व्यवहार करें और उनकी समस्याओं का निस्तारण निष्पक्षता एवं ईमानदारी से करें।
