नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के असर से NCR में रियल एस्टेट कीमतों में उछाल, पांच साल में घर खरीदना हुआ महंगा

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में घर बनाने या खरीदने का सपना पिछले पांच वर्षों में काफी महंगा हो गया है। रियल एस्टेट कंसल्टेंट ‘स्क्वायर यार्ड्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में NCR में संपत्तियों की औसत कीमतें लगभग तीन गुना तक बढ़ गई हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस तेजी का प्रमुख कारण नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण और क्षेत्र में तेजी से हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास है। यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास के इलाकों में खासतौर पर रियल एस्टेट की कीमतों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में अपार्टमेंट की कीमतें लगभग तीन गुना बढ़ी हैं, जबकि प्लॉट की कीमतों में औसतन 1.5 गुना इजाफा हुआ है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में कीमतों में वृद्धि की रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है, लेकिन विकास के चलते बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहेगा। अनुमान है कि अगले दो वर्षों में प्लॉट की कीमतों में 28 प्रतिशत और अपार्टमेंट की कीमतों में 22 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जिसे 25 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिलान्यास किया था, NCR का दूसरा सिविल एयरपोर्ट है और देश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल है। पहले चरण में 1334 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित इस एयरपोर्ट की शुरुआती क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों की होगी, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 7 करोड़ तक किया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 11,200 करोड़ रुपये की लागत आई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस एयरपोर्ट से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों—आगरा, मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ, इटावा, बुलंदशहर और फरीदाबाद—को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही रोजगार, निवेश और औद्योगिक विकास के नए अवसर भी पैदा होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस परियोजना को ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ की दिशा में एक बड़ा कदम बताते हुए कहा था कि यह एयरपोर्ट क्षेत्र के किसानों, छोटे उद्योगों और युवाओं के लिए नई संभावनाएं लेकर आएगा।

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