रांची में AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकी, आरोपी हिरासत में; भाकपा माले ने बताया ‘संघ-भाजपा की साजिश’
रिपोर्ट: मंजय वर्मा
Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को छात्र आंदोलन के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने से हंगामा मच गया। नेहा बोरा झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र और अभ्यर्थी आंदोलन के समर्थन में रांची पहुंची थीं। घटना के बाद पुलिस ने स्याही फेंकने वाले युवक को हिरासत में ले लिया।
विधानसभा घेराव के दौरान हुआ हमला
रिपोर्टों के मुताबिक, यह घटना झारखंड विधानसभा घेराव के दौरान हुई। प्रदर्शनकारी छात्र और नौकरी के अभ्यर्थी JPSC, JSSC CGL समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर बिरसा चौक से आगे बढ़ने का प्रयास किया। इसी दौरान AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकी गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया।
कौन हैं नेहा बोरा?
नेहा बोरा AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और हाल के छात्र आंदोलनों में प्रमुख चेहरों में शामिल रही हैं। वह JNU की शोधार्थी और थिएटर आर्टिस्ट भी हैं।
जुलाई 2026 में NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक एवं अनियमितताओं के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन में भी नेहा बोरा सक्रिय रही थीं। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने वहां 23 दिनों तक चली भूख हड़ताल में हिस्सा लिया था।
स्याही फेंकने वाले युवक की पहचान अमरनाथ पांडेय के रूप में
घटना के बाद सामने आई रिपोर्टों में स्याही फेंकने वाले युवक की पहचान अमरनाथ पांडेय के रूप में बताई गई है। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए जाने के दौरान उसके द्वारा ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए जाने की बात भी सामने आई है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमरनाथ पांडेय ने नेहा बोरा को लेकर कुछ आरोप लगाए और उन्हें उमर खालिद का समर्थक बताया। हालांकि, ये आरोपी के कथित दावे हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं माना जाना चाहिए।
नेहा बोरा ने क्या कहा?
घटना के बाद नेहा बोरा ने इसे बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि वह इस तरह की घटनाओं से डरने वाली नहीं हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने अपने पिछले आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह जंतर-मंतर पर नहीं डरी थीं तो अब भी पीछे नहीं हटेंगी।
नेहा बोरा ने छात्र आंदोलन और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर सरकार से जवाबदेही की मांग दोहराई।
भाकपा माले ने लगाया साजिश का आरोप
घटना को लेकर भाकपा (माले) की ओर से इसे ‘संघ-भाजपा की साजिश’ बताया गया है। पार्टी ने छात्र आंदोलन और उसके नेताओं को निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया है।
हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की कार्रवाई और जांच के बाद ही घटना के पीछे की पूरी वजह स्पष्ट हो सकेगी।
