रामपुर: महिला प्रशिक्षुओं की गणना पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक, प्रशिक्षण व मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी व्यवस्थाओं पर दिए दिशा-निर्देश

रामपुर, 30 जुलाई: पुलिस अधीक्षक, रामपुर द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन में चल रहे आरटीसी (रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर) प्रशिक्षण के अंतर्गत महिला प्रशिक्षुओं की गणना के दौरान उपस्थिति दर्ज कराई गई। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी लाइन भी उनके साथ मौजूद रहे।

पुलिस अधीक्षक ने महिला प्रशिक्षुओं को मुख्यालय से प्राप्त दिशा-निर्देशों से अवगत कराया और उन्हें इनडोर व आउटडोर प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बेहतर बनाने संबंधी मार्गदर्शन दिया। इसके अतिरिक्त, प्रशिक्षण के दौरान मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को लेकर कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर बल दिया गया।

मुख्यालय से प्राप्त मुख्य दिशा-निर्देश इस प्रकार रहे:

🔹 कुशल क्षेम (वेल-बीइंग) समिति का गठन
प्रत्येक प्रशिक्षण संस्थान में एक वरिष्ठ अधिकारी की अध्यक्षता में कल्याण समिति बनाई जाएगी, जो प्रशिक्षुओं के मानसिक स्वास्थ्य की निगरानी करेगी।

🔹 शिकायत निवारण प्रणाली
प्रशिक्षुओं के लिए एक सहज, गोपनीय और सुलभ शिकायत निवारण तंत्र विकसित किया जाएगा, जिससे वे बेझिझक अपनी समस्याएं साझा कर सकें।

परामर्शदाता की नियुक्ति
संस्थान में सप्ताह में एक या दो बार किसी प्रशिक्षित मानसिक स्वास्थ्य परामर्शदाता को आमंत्रित किया जाएगा, जिससे प्रशिक्षुओं को मनोवैज्ञानिक सहयोग प्राप्त हो सके। इसके लिए स्थानीय विश्वविद्यालय या एनजीओ के सहयोग से समन्वय किया जाएगा।

🔹 बडी-पेयर प्रणाली (Buddy Pair System)
प्रत्येक प्रशिक्षु को एक “बड़ी” सौंपी जाएगी जो उसका भावनात्मक साथी बनेगा और उसके व्यवहार में आए बदलावों पर नजर रखेगा।

पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन सभी व्यवस्थाओं को त्वरित प्रभाव से लागू किया जाए, ताकि महिला प्रशिक्षुओं को सुरक्षित, सकारात्मक और सहयोगात्मक वातावरण मिल सके।

इस पहल का उद्देश्य न केवल प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार करना है, बल्कि महिला प्रशिक्षुओं के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देना है।

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