रामपुर: श्रावण मास के पहले सोमवार पर कावड़ यात्रा व आगामी त्योहारों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था का प्रशासनिक निरीक्षण
रामपुर। श्रावण मास के प्रथम सोमवार को शिव मंदिर भमरौआ में जलाभिषेक के अवसर पर प्रमोद कुमार उपाध्याय, आयुक्त गन्ना एवं चीनी, उत्तर प्रदेश, जिलाधिकारी जोगिंदर सिंह एवं पुलिस अधीक्षक विद्या सागर मिश्रा ने मंदिर पहुंचकर स्वयं जलाभिषेक किया और वहां कांवड़ियों व श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था व भीड़ नियंत्रण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
थाना कोतवाली क्षेत्र में पैदल गश्त व सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण
पुलिस अधीक्षक एवं अपर पुलिस अधीक्षक ने आगामी त्योहारों, अपराध नियंत्रण, कानून एवं शांति व्यवस्था को लेकर थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पैदल गश्त की। इस दौरान जनता में सुरक्षा का भरोसा बनाए रखने तथा असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखने के उद्देश्य से यह गश्त की गई।
साथ ही श्रावण मास में कांवड़ियों द्वारा की जाने वाली धार्मिक गतिविधियों को लेकर कोसी मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था का भी गहन निरीक्षण किया गया। संबंधित अधिकारियों को भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा बैरिकेडिंग, चिकित्सा सहायता व अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
रिजर्व पुलिस लाइन का निरीक्षण
अपर पुलिस अधीक्षक अतुल श्रीवास्तव ने रिजर्व पुलिस लाइन, रामपुर का निरीक्षण करते हुए परेड की सलामी ली। इस दौरान उन्होंने परेड में शामिल कर्मचारियों का टर्नआउट व अनुशासन चेक किया। साथ ही पुलिस लाइन परिसर में स्थित भोजनालय, बैरक, म्यूजियम, कैन्टीन, मनोरंजन कक्ष, गैस कार्यालय, जिम, कैश ऑफिस, 112, परिवहन शाखा, क्लासरूम आदि का निरीक्षण कर साफ-सफाई एवं व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
“एक पेड़ मां के नाम 2.0” अभियान के तहत वृक्षारोपण
रामपुर में उत्तर प्रदेश सरकार के सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं जनपद रामपुर के प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर ने “एक पेड़ मां के नाम 2.0” अभियान के तहत श्री संत शिरोमणि रविदास गेस्ट हाउस पहुंचकर जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक रामपुर के साथ वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर अनेक गणमान्य नागरिकों व अधिकारियों की उपस्थिति रही।
यह पूरा आयोजन पर्यावरण संरक्षण, धार्मिक श्रद्धा और जनसुरक्षा को समर्पित प्रशासनिक सक्रियता का एक आदर्श उदाहरण रहा।
