रायगढ़, 28 मार्च 2026: जिले के पुसौर तहसील अंतर्गत छोटेभंडार क्षेत्र में स्थापित कोयला आधारित बिजली संयंत्र के लिए कोयला आपूर्ति को सुव्यवस्थित करने हेतु रेल परियोजना पर कार्य तेजी से जारी है। वर्तमान में संयंत्र से 600 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जबकि 2×800 मेगावाट क्षमता के अतिरिक्त संयंत्र का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।
प्रस्तावित रेल लाइन किरोड़ीमल से शुरू होकर मुरालीपाली, उच्चभित्ति, काशीचुआ, गेजमुड़ा, बनहर, बघनपुर, जामपाली, उसरौट, बालमगोंडा, कुरमापली, गोर्रा, राईतराई, बुलाकी, बासनपाली, रुचिदा, शंकरपाली, पुसलदा, कोतमरा और बड़ेभंडार होते हुए संयंत्र क्षेत्र तक पहुंचेगी। इन सभी ग्रामों में निर्माण कार्य विभिन्न चरणों में चल रहा है।
भूमि अधिग्रहण की स्थिति
परियोजना से जुड़े 20 ग्रामों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इनमें से 18 ग्रामों के भू-स्वामियों ने निर्धारित मुआवजा स्वीकार कर लिया है, जिससे कार्य सुचारु रूप से आगे बढ़ा। हालांकि शेष दो ग्रामों में कुछ भू-स्वामियों द्वारा अधिक मुआवजे की मांग के चलते कार्य में बाधा आई, जिसे प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सुलझाया और परियोजना को आगे बढ़ाया गया।
परिवहन और पर्यावरण पर प्रभाव
वर्तमान में कोयले की आपूर्ति सड़क मार्ग से होने के कारण भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है। रेल मार्ग शुरू होने के बाद सड़कों पर दबाव कम होगा, धूल और प्रदूषण में कमी आएगी तथा सड़क सुरक्षा में सुधार होगा।
विकास को मिलेगी गति
इस रेल परियोजना को क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति और आधारभूत ढांचे के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे न केवल बिजली उत्पादन की निरंतरता सुनिश्चित होगी, बल्कि परिवहन व्यवस्था में सुधार और स्थानीय विकास गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
