प्रयागराज: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 2025 के महाकुंभ के आयोजन को लेकर उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार ने महाकुंभ को केवल प्रचार का माध्यम बना लिया, जबकि श्रद्धालुओं के लिए ज़रूरी व्यवस्थाओं पर गंभीरता नहीं दिखाई गई।
अखिलेश यादव ने कहा —
“मुझे आपके बीच पहले आना था, लेकिन अब आपके सामने आकर कुछ बातें साझा कर रहा हूं। सरकार ने महाकुंभ के आयोजन को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है, जबकि धरातल पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बेहद कम रहीं।”
उन्होंने दावा किया कि उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कई अहम सुझाव दिए थे, लेकिन भाजपा ने उन सुझावों को आलोचना मान लिया।
“हमने जो सुझाव दिए, वे अनुभव से निकले थे। 2013 में जब हमारी सरकार ने कुंभ कराया था, तब भी हमने पहले से व्यापक तैयारी की थी, और वह कुंभ सफल रहा था।”
सरकार पर तीखा तंज
अखिलेश यादव ने कहा —
“2025 के महाकुंभ की जो तैयारियां दिखनी चाहिए थीं, वो नहीं दिखाई दीं। इसलिए हम सरकार को चेताते रहे। लेकिन भाजपा ने हमारे सुझावों को बुराई समझा।”
उन्होंने कहा कि 2013 के कुंभ पर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने शोध किया था, और हमारी सरकार ने उसकी रिपोर्ट दिल्ली और लखनऊ में मीडिया के सामने रखी थी। अब 2025 के कुंभ पर “मिस मैनेजमेंट” की स्टडी होगी।
आंकड़ों और डिजिटल दावों पर सवाल
अखिलेश यादव ने सरकार के आंकड़ों और दावों को लेकर भी जमकर निशाना साधा —
“बीजेपी के मुख्यमंत्री ने कहा था कि हम 100 करोड़ लोगों के लिए कुंभ का इंतजाम कर रहे हैं। लेकिन आंकड़े छुपाना और झूठ फैलाना भाजपा से बेहतर कोई नहीं कर सकता।”
“ड्रोन निगरानी और डिजिटल महाकुंभ के दावे किए गए थे, लेकिन ड्रोन उड़ ही नहीं पाए। सीसीटीवी और तकनीक भगदड़ के समय बंद हो गई। संगम नोज की भगदड़ में मारे गए लोगों की संख्या तक सरकार ने नहीं बताई।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने परिजनों पर दबाव बनाया ताकि मौत के कारण को बदला जा सके।
“सरकार ने 144 वर्षों बाद आए विशेष मुहूर्त का हवाला दिया, लेकिन श्रद्धालुओं को बाइक से ढ़ोने को रोजगार बता दिया।”
“डबल इंजन सरकार में इंजन लड़ रहे हैं”
बीजेपी सरकार पर कटाक्ष करते हुए अखिलेश यादव ने कहा —
“डबल इंजन की सरकार में इंजन आपस में लड़ रहे हैं, और यूपी में तो डब्बे तक लड़ रहे हैं।”
अखिलेश यादव ने मीडिया को सोशल मीडिया पर साझा किए गए सुझावों की एक-एक कॉपी देने की बात कही और दावा किया कि 2027 में समाजवादी पार्टी फिर से सत्ता में लौटेगी।
