आत्मिक और मानसिक संघर्ष की कहानी है “मरणोपरांत”

  • रिपोर्ट: प्रेम सिन्हा

पटना, फरवरी 2026। विश्वा, पटना द्वारा आयोजित तीन दिवसीय नाट्य महोत्सव ‘विश्वोत्सव 2025-26’ के अंतर्गत बुधवार संध्या 6:30 बजे इमेजिनेशन स्कूल ऑफ ड्रामा एंड फिल्म मेकिंग, कंकड़बाग, पटना में प्रसिद्ध साहित्यकार Surendra Verma द्वारा लिखित नाटक “मरणोपरांत” का प्रभावशाली मंचन किया गया। नाटक का निर्देशन Rajesh Nath Ram ने किया।

पिछले 15 वर्षों से रंगकर्म के क्षेत्र में सक्रिय संस्था विश्वा, पटना द्वारा आयोजित इस प्रस्तुति ने दर्शकों को गहरे आत्मिक और मानसिक द्वंद्व की दुनिया में ले जाने का कार्य किया। “मरणोपरांत” एक ऐसे पति और उसकी पत्नी के प्रेमी के मानसिक संघर्ष की कथा है, जिसकी पत्नी की मृत्यु एक दुर्घटना में हो जाती है। कहानी प्रेम, विश्वास और आत्मस्वीकृति के जटिल भावों को संवेदनशीलता के साथ मंच पर जीवंत करती है।

नाटक में पति के भीतर उमड़ते दर्द और पत्नी के प्रेमी के आत्म-संघर्ष को गहराई से उकेरा गया है। यह प्रस्तुति मानवीय संबंधों, अपराधबोध, आत्ममंथन और मानसिक उथल-पुथल की मार्मिक अभिव्यक्ति है, जो दर्शकों को भीतर तक झकझोर देती है। “मरणोपरांत” केवल एक कहानी नहीं, बल्कि आत्म-समझ और संबंधों की जटिलताओं की एक संवेदनशील यात्रा है।

मंच पर आदिल रशीद एवं राजेश राजा ने अपने सशक्त अभिनय से पात्रों को जीवंत कर दिया। प्रकाश परिकल्पना रेयाज़ अहमद ने की, जबकि पार्श्व ध्वनि का दायित्व राहुल आर्यन ने संभाला। रूप सज्जा पंकज कुमार, वस्त्र विन्यास आदित्य और मंच निर्माण सुनील जी द्वारा किया गया। पूर्वाभ्यास प्रभारी के रूप में शशांक शेखर एवं अभिषेक मेहता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस प्रस्तुति के लिए विश्वा, पटना ने इमेजिनेशन पटना एवं कुंदन कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया। नाटक ने दर्शकों के बीच गहरी छाप छोड़ी और रंगमंच प्रेमियों से भरपूर सराहना प्राप्त की।

 

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