गुस्से को शांत करता है मोती, रत्न शास्त्र में बताया गया मानसिक शांति का प्रभावी उपाय

Gemstone: रत्न शास्त्र में कई प्रकार के रत्नों का उल्लेख मिलता है, जिनमें प्रत्येक रत्न की अपनी विशेषताएं और प्रभाव होते हैं। यदि रत्नों को सही समय और विधि से धारण किया जाए तो जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलते हैं। रत्न शास्त्र के अनुसार अत्यधिक गुस्से की समस्या से परेशान लोगों के लिए मोती को बेहद लाभकारी माना गया है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मोती चंद्र ग्रह से संबंधित रत्न है और चंद्रमा को मन, भावनाओं और मानसिक शांति का कारक माना जाता है। जिन लोगों को जल्दी गुस्सा आता है या जो बात-बात पर अपना आपा खो बैठते हैं, उनकी कुंडली में चंद्र ग्रह कमजोर हो सकता है। ऐसे में चंद्र को मजबूत करने के लिए मोती धारण करने की सलाह दी जाती है।

मोती पहनने से मन शांत रहता है और भावनाओं में स्थिरता आती है। इसके नियमित प्रभाव से मानसिक तनाव में कमी आती है, सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और नकारात्मकता धीरे-धीरे दूर होने लगती है। इसके साथ ही निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होती है और व्यक्ति भावनात्मक रूप से अधिक मजबूत बनता है।

रत्न एवं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मोती धारण करने का सबसे शुभ दिन सोमवार माना गया है। इसे पहनने से पहले गंगाजल में दूध और शहद मिलाकर मोती को शुद्ध करना चाहिए। इसके बाद भगवान शिव का पूजन कर मोती धारण करना शुभ फल प्रदान करता है।

मोती को हमेशा चांदी की अंगूठी में जड़वाकर पहनना चाहिए। इसे दाहिने हाथ की सबसे छोटी उंगली यानी कनिष्ठा उंगली में धारण करना शुभ माना गया है। सही विधि और श्रद्धा के साथ मोती धारण करने से मानसिक शांति और संयम की प्राप्ति होती है।

डिस्क्लेमर- यहां दी गई जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं। khabrejunction.com इनकी पुष्टि नहीं करता। 

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