पत्रकारों को मिली ग्रांट, लेकिन कैशलेस स्वास्थ्य योजना का इंतजार अब भी जारी
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने रोहतक में पत्रकार संगठन को 21 लाख रुपये की ग्रांट प्रदान की। हालांकि, पत्रकारों की लंबे समय से मांग रही कैशलेस स्वास्थ्य योजना अब भी केवल घोषणाओं तक सीमित है। पत्रकार संगठनों ने राज्य सरकार से अपील की है कि वित्तीय सहायता के साथ-साथ ठोस नीतिगत फैसलों पर भी ध्यान दिया जाए।
गुस्ताखी माफ हरियाणा – पवन कुमार बंसल
पत्रकारों को मिली ग्रांट, लेकिन कैशलेस स्वास्थ्य योजना का इंतजार अब भी जारी
रोहतक: मुख्यमंत्री ने पत्रकार संगठन को दी 21 लाख की ग्रांट
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बुधवार को रोहतक में पत्रकारों के एक संगठन को 21 लाख रुपये की ग्रांट प्रदान की। यह सहायता पत्रकारों के कल्याण और संगठनात्मक गतिविधियों के लिए दी गई है।
घोषणा अधूरी, कैशलेस स्वास्थ्य योजना अब भी फाइलों में बंद
पत्रकार संगठनों ने मुख्यमंत्री से यह भी सवाल किया कि आठ वर्ष पहले पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा की गई कैशलेस स्वास्थ्य योजना की घोषणा अब तक लागू क्यों नहीं की गई। पत्रकारों का कहना है कि मौजूदा मुख्यमंत्री भी इस योजना की बात कर चुके हैं, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ग्रांट से नहीं, ठोस नीतियों से होगा पत्रकारों का सशक्तिकरण
पत्रकार संगठनों का मानना है कि सिर्फ ग्रांट देने से पत्रकारों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। सरकार को चाहिए कि पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा जैसी बुनियादी आवश्यकताओं पर प्राथमिकता से काम करे।
अपील: घोषणा नहीं, क्रियान्वयन हो प्राथमिकता
पत्रकार समुदाय ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि वह केवल घोषणाओं तक सीमित न रहें, बल्कि कैशलेस स्वास्थ्य योजना को जल्द से जल्द लागू करें, ताकि पत्रकारों और उनके परिवारों को वास्तविक राहत मिल सके।
राज्य सरकार द्वारा दी जा रही वित्तीय सहायता स्वागत योग्य है, लेकिन पत्रकार संगठनों की मूल मांग—एक मजबूत और सुलभ स्वास्थ्य व्यवस्था—पर भी शीघ्र अमल ज़रूरी है। आशा की जाती है कि सरकार इस दिशा में गंभीरता से विचार करेगी।
