ऐलनाबाद रेलवे स्टेशन पर ‘नो पार्किंग’ नियम से यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें, रेल संघर्ष समिति ने रेलवे प्रशासन से मिलकर मांगा समस्या का समाधान
ऐलनाबाद, 11 सितंबर( एम पी भार्गव ): स्थानीय रेलवे स्टेशन परिसर में पिछले कुछ दिनों से वाहनों की पार्किंग पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। रेलवे प्रशासन ने स्टेशन परिसर में ‘नो पार्किंग’ के बैनर लगा दिए हैं। इसके बाद से यहां वाहन खड़ा करने पर रेलवे पुलिस चालान कर रही है। जब इस बारे में ड्यूटी पर तैनात रेलवे पुलिसकर्मियों से पूछा जाता है कि वाहन आखिर कहां खड़ा करें, तो उन्होंने जवाब दिया—“हमें नहीं पता, आप रेलवे स्टेशन मास्टर से पूछिए। अगर यहां नो पार्किंग में अपना वाहन खड़ा करेंगे तो चालान होगा।”
इधर, रेलवे स्टेशन अधीक्षक धर्मपाल गोदारा का कहना है कि स्टेशन परिसर में पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। यात्री अपने वाहन सड़क पर खड़े करके पैदल स्टेशन आएं। पार्किग के बारे में उन्होंने बीकानेर कार्यालय से संपर्क करने की सलाह दी।
शहरवासियों की समस्या के मद्देनजर आज स्थानीय रेल संघर्ष समिति के कार्यकर्ता और कई गणमान्यजन आज दोपहर में स्टेशन अधीक्षक कमलेश कुमार स्वामी से मिले और इस समस्या के समाधान के बारे में बात की। जिस पर स्टेशन अधीक्षक कमलेश कुमार स्वामी भी इस मुद्दे पर ना तो कोई लिखित आदेश दिखा पाए और न ही कोई संतोषजनक जवाब दे पाए।
बाद में दोनो पक्षों की आपसी बातचीत में तय किया गया कि ऐलनाबाद रेलवे स्टेशन परिसर में स्थायी पार्किंग बनाने के लिए रेल संघर्ष समिति स्टेशन अधीक्षक को एक लिखित ज्ञापन देगी। जिसे वे उच्चाधिकारियों को भेज कर यहां जल्द से जल्द स्थायी पार्किंग व्यवस्था शुरू करवाने की कोशिश करेंगे। जक तक यहां स्थायी पार्किंग शुरू नहीं हो जाती तब तक रेल आने से 15 मिनट पहले और रेल जाने के 15 मिनट बाद कोई भी पुलिसकर्मी किसी वाहन चालक को यहां वाहन खड़ा करने से नहीं रोकेगा।
इस अवसर पर रेल संघर्ष समिति के नरेंद्र गिदडा, महेश धानुका, एमपी तंवर, यशपाल, नवीन शर्मा, रिंकू रखडा, पार्षद संदीप घोड़ेला व पार्षद पवन जाजू, योगगुरु हेमराज सपरा, सुभाष चौहान, पर्वतारोही चंद माही, भजनलाल गर्ग, गायक रामनिवास रसिया, राजबीर सिंह, महेंद्र पारीक, जसविंदर सिंह रिंकू, संदीप तलवाडिया, रवि जोशी, अजयसिंह बराड, गोबिंद टांटिया व अन्य कई प्रमुख लोग भी उपस्थित थे।
आपको बता दे कि यहां के रेलवे स्टेशन परिसर के आगे की ओर काफी बड़ा खाली स्थान उपलब्ध है, जहां आसानी से वाहन खड़े किए जा सकते हैं। इससे किसी को कोई दिक्कत भी नहीं होती। इसके बावजूद रेलवे प्रशासन पार्किंग की व्यवस्था को लेकर ठोस कदम नहीं उठा रहा है। लोगों का कहना है कि रेलवे प्रशासन का यह तुगलकी आदेश आम यात्रियों खासकर बीमार लोगों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं व दिव्यांगों के लिए बड़ी समस्या बन चुकी है। रेल संघर्ष समिति ने मांग की है कि स्थानीय रेलवे अधिकारी तत्काल यहां स्थायी वाहन पार्किंग शुरू करवाकर आम जनता की परेशानी दूर करे।
