एलओसी पर पाकिस्तान की उकसाने वाली कार्रवाई: भारतीय चौकियों पर गोलीबारी, सेना की तैनाती बढ़ाई
पाकिस्तानी सेना का तनाव बढ़ाने वाला कदम
कुपवाड़ा: 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की संभावित सैन्य प्रतिक्रिया को देखते हुए पाकिस्तान ने एलओसी (नियंत्रण रेखा) पर अपनी सेना की तैनाती तेज कर दी है। गुरुवार को पाकिस्तानी सेना ने कई भारतीय चौकियों पर मशीन गन से फायरिंग की, जिससे सीमा पर तनाव और बढ़ गया। जानकारी के अनुसार पाकिस्तान ने खैबर पख्तूनख्वा से सेना के कुछ हिस्सों को एलओसी के पास भेजा है और चीन निर्मित SH-15 हॉवित्जर तोपों की तैनाती भी की है।
भारत की सख्त प्रतिक्रिया और तैयारियां
भारत ने बुधवार को पाकिस्तान के पंजीकृत विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक हुई, जिसमें जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई और सेना को कार्रवाई के लिए पूरी छूट दी गई। प्रधानमंत्री ने सेना को “तरीका, लक्ष्य और समय” चुनने की स्वतंत्रता दी है।
लगातार संघर्षविराम उल्लंघन और भारतीय जवाबी कार्रवाई
गुरुवार को पाकिस्तानी सेना ने कुपवाड़ा, उरी और अखनूर सेक्टरों में भारतीय पोस्ट्स पर गोलीबारी की। ये घटनाएं उस संघर्षविराम की सातवीं बार अवहेलना थीं, जिसे फरवरी 2021 में लागू किया गया था। सूत्रों के अनुसार, पीओके में 40 से अधिक ऐसे लॉन्च पैड हैं, जहां से आतंकी भारत में घुसपैठ की तैयारी करते हैं।
पारंपरिक वार्ता और नए तनाव की स्थिति
मंगलवार को भारतीय सेना के डीजीएमओ स्तर के अधिकारी ने पाकिस्तानी समकक्ष से हॉटलाइन पर बात कर गोलीबारी पर आपत्ति जताई थी। लेकिन बुधवार को पहली बार 22 अप्रैल के बाद अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) पर भी फायरिंग की गई, जिससे तनाव और बढ़ गया।
भारत की कूटनीतिक सख्ती और पाकिस्तानी जवाब
भारत ने अब तक कई कड़े कूटनीतिक कदम उठाए हैं—जिसमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना, द्विपक्षीय संबंधों को घटाना, पाकिस्तानी नागरिकों को निष्कासित करना और अटारी बॉर्डर को बंद करना शामिल है। पाकिस्तान ने भी अपनी प्रतिक्रिया में भारतीय विमानों के लिए हवाई क्षेत्र बंद कर दिया, व्यापार स्थगित कर दिया और शिमला समझौते जैसी द्विपक्षीय संधियों को निलंबित करने की धमकी दी है।
