- रिपोर्ट- शिवेंदु श्रीवास्तव
सोनभद्र। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर 1 सितम्बर 2025 को जनपद के सभी विद्यालयों में “हमारा विद्यालय – हमारा स्वाभिमान” संकल्प कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। जिले के लाखों विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक प्रार्थना सभाओं में एक साथ खड़े होकर पाँच संकल्प लेते हुए उद्घोष कर रहे थे—“हमारा विद्यालय हमारा स्वाभिमान है।”
मंडल अध्यक्ष अखिलेश वत्स ने म्योरपुर में शपथ दिलाते हुए कहा कि यह दिन शिक्षा जगत में एक नया इतिहास बना रहा है। जिलाध्यक्ष अशोक त्रिपाठी ने बीआरसी घोरावल पर कहा कि विद्यालय केवल भवन नहीं, बल्कि संस्कारों का मंदिर है। महामंत्री इन्दूप्रकाश सिंह ने रॉबर्ट्सगंज में संकल्प दिलाया और बताया कि इस आयोजन से शिक्षा का मूल उद्देश्य – चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण – मजबूत होगा।
संगठन मंत्री गणेश पाण्डेय ने विद्यालय को “भविष्य निर्माण की प्रयोगशाला” बताया। जिला मीडिया प्रभारी सौरभ कार्तिकेय ने कहा कि भगवान राम, भगवान कृष्ण, महात्मा गांधी, डॉ. राधाकृष्णन और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जैसे महापुरुषों की सफलता की जड़ें उनके विद्यालयों में मिले संस्कारों में छिपी हैं।
इसी क्रम में जनपद के दुद्धी, बभनी, चोपन, करमा, कोन और नगवां सहित सभी ब्लॉकों में संगठन के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम संपन्न कराया। हर जगह शिक्षकों और विद्यार्थियों ने एक स्वर में शपथ ली। सहसंयोजक ममता पाण्डेय ने कहा कि भारतीय दृष्टि में शिक्षा का ध्येय केवल रोजगार नहीं बल्कि संपूर्ण मनुष्य का निर्माण है। सहमीडिया प्रभारी आनन्द देव पाण्डेय और संयुक्त महामंत्री रविकांत ने चतरा में शपथ दिलाई।
कोषाध्यक्ष संतोष चौरसिया ने कहा कि विद्यालय को तीर्थ मानने से उसमें श्रद्धा और समर्पण का भाव जागेगा। ब्लॉक अध्यक्षों ने विभिन्न स्थानों पर आयोजन को सफल बनाया और सामाजिक समरसता तथा “वसुधैव कुटुम्बकम” की भावना को आत्मसात करने का संदेश दिया। यदि ये पाँच संकल्प पूरे देश के विद्यालयों में आत्मसात हो जाएं तो हर विद्यालय स्वच्छ, अनुशासित और प्रेरणादायी बनेगा, विद्यार्थी आत्मविश्वासी व संस्कारित होंगे और शिक्षक आदर्श बनेंगे। यही प्रयास भारत को पुनः विश्वगुरु के पथ पर ले जाएगा।
