बिहार में SIR को लेकर विपक्षी सांसदों का संसद परिसर में जोरदार प्रदर्शन, पीएम की उपस्थिति की मांग पर अड़े
नई दिल्ली, 22 जुलाई — बिहार में चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ मंगलवार को विपक्षी सांसदों ने संसद भवन परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए।
सांसदों ने संसद भवन के मकर द्वार की सीढ़ियों पर एकजुट होकर नारेबाजी की और हाथों में ‘SIR: Stealing Indian Rights’ (भारतीय अधिकारों की चोरी) तथा ‘SIR: Subverting Indian Republic’ (भारतीय गणराज्य को कमजोर करने वाला) जैसे पोस्टर लेकर विरोध जताया।
इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके, झारखंड मुक्ति मोर्चा सहित कई दलों के सांसदों ने भाग लिया। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी प्रदर्शन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
प्रदर्शन से पहले इंडिया गठबंधन के नेताओं की बैठक भी हुई, जिसमें राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मौजूद रहे।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संसद में उपस्थिति की मांग करेगा ताकि वे देश से जुड़े गंभीर मुद्दों पर जवाब दें। कांग्रेस संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने बताया कि विपक्ष जिन मुद्दों पर पीएम का जवाब चाहता है उनमें पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर, डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाक सीज़फायर पर दिए गए बयान, बिहार का SIR प्रोसेस, परिसीमन, दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्गों और महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार, AI 171 विमान हादसा और मणिपुर में चल रहा ‘सिविल वॉर’ जैसे मामले शामिल हैं।
वेणुगोपाल ने कहा कि ये जनता से जुड़े मुद्दे हैं और इन पर संसद में तत्काल चर्चा की जानी चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी नेताओं ने यह भी मांग की कि राहुल गांधी को संसद में बोलने का अवसर दिया जाए।
विपक्ष का कहना है कि वह SIR के मुद्दे को लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में उठाएगा और चुनावी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की धांधली के खिलाफ मजबूती से आवाज़ बुलंद करेगा।
