लोहड़ी व मकर संक्रांति के पावन पर्व पर ऐलनाबाद शहर दुल्हन की तरह सजा

ऐलनाबाद, 12 जनवरी (एम. पी. भार्गव)।लोहड़ी एवं मकर संक्रांति के पावन पर्व को लेकर ऐलनाबाद शहर में उत्सव का माहौल बन गया है। पर्व की खुशी में शहर के बाजार दुल्हन की तरह सजे नजर आ रहे हैं। बाजारों में रौनक बढ़ने के साथ ही रेवड़ी, मूंगफली, गचक, खील और मक्का की दुकानों व रेहड़ियों की कतारें लग गई हैं। लोगों ने पर्व को उत्साह और धूमधाम से मनाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है।

शहर में जगह-जगह टेंट लगाए जा रहे हैं और लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं। खासतौर पर बच्चों और युवाओं में इन पर्वों को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। लोहड़ी के मद्देनजर मूंगफली के दामों में भी तेजी आई है, विशेष रूप से भूनी हुई मूंगफली की मांग अधिक बनी हुई है।

दूसरी ओर मकर संक्रांति को लेकर भी लोगों में खासा उत्साह है, क्योंकि इस दिन पतंग उड़ाने का विशेष महत्व होता है। बच्चे और युवा इस पर्व का बेसब्री से इंतजार करते नजर आ रहे हैं। बाजारों में पतंग और डोर की मांग लगातार बढ़ रही है और बीते एक सप्ताह से इनकी खरीदारी शुरू हो चुकी है।

मंगलवार को लोहड़ी पर्व मनाया जाएगा, जिसे ऐलनाबाद में परंपरागत रूप से बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर लोग लोहड़ी जलाकर परिवार व अपने करीबी लोगों के साथ उसके चारों ओर बैठकर पर्व का आनंद लेते हैं। महिलाएं लोकगीत गाती हैं, जबकि रात्रि के समय भंगड़ा और गिद्दा की धूम रहती है। लोहड़ी और मकर संक्रांति के दौरान आसमान में रंग-बिरंगी पतंगें उड़ती नजर आएंगी, जिससे शहर का नजारा और भी आकर्षक हो जाएगा।

हालांकि, पतंगबाजी के बीच ड्रैगन डोर की बिक्री चिंता का विषय बनी हुई है। क्षेत्र में पाबंदी के बावजूद इसकी बिक्री की शिकायतें सामने आ रही हैं। बीते दिनों प्रशासन द्वारा की गई छापेमारी में भी ऐसे कई मामले उजागर हुए थे।

लोहड़ी पर्व पर रेवड़ी, मूंगफली और अन्य सामग्री अग्नि के चारों ओर बैठकर खाने की परंपरा है, साथ ही इन्हें रिश्तेदारों और परिचितों को उपहार स्वरूप भी भेंट किया जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए शहर की दुकानों और रेहड़ियों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। लोग दो दिन पहले से ही लोहड़ी जलाने के लिए लकड़ियां एकत्रित करने में जुटे हुए हैं।

लोहड़ी से जुड़ी कई मान्यताएं भी प्रचलित हैं। शादी के बाद पहली लोहड़ी और बच्चे के जन्म के बाद पहली लोहड़ी महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखती है। साथ ही मान्यता है कि लोहड़ी के दिन से ही दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं।

लोहड़ी से पूर्व चौधरी देवीलाल चौक, पंचमुखी चौक, टिब्बी अड्डा, बाल्मीकि चौक, ममेरा चौक और शास्त्री मार्केट में खासी चहल-पहल देखने को मिली। मूंगफली विक्रेता हरि सिंह ने बताया कि राजस्थान से आने वाली मूंगफली की इस वर्ष काफी मांग है, जिसके दाम 150 से 200 रुपये प्रति किलोग्राम तक चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि बाजारों में मूंगफली, मक्का, खील, गचक और रेवड़ी की सबसे अधिक बिक्री हो रही है।

 

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