अब रेलवे स्टेशनों पर भी होगा बैग का वजन, तय सीमा से ज्यादा सामान पर देना होगा चार्ज

  • रिपोर्ट- मंजय वर्मा

प्रयागराज: भारत में रोजाना लाखों यात्री ट्रेन से सफर करते हैं और उनकी सुरक्षा एवं सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे लगातार नए नियम लागू करता रहता है। अब यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। जिस तरह एयरपोर्ट पर यात्रियों के सामान की तौल और स्क्रीनिंग होती है, उसी तरह अब बड़े रेलवे स्टेशनों पर भी यात्रियों के बैग का वजन और आकार जांचा जाएगा। तय सीमा से ज्यादा सामान होने पर यात्रियों को एक्स्ट्रा चार्ज देना होगा।

प्रयागराज समेत कई बड़े स्टेशनों पर होगी शुरुआत

उत्तर मध्य रेलवे ने इस व्यवस्था की शुरुआत प्रयागराज मंडल के प्रमुख स्टेशनों से करने का निर्णय लिया है। इनमें प्रयागराज जंक्शन, प्रयागराज छिवकी, सूबेदारगंज, कानपुर सेंट्रल, मिर्जापुर, टूंडला, अलीगढ़ जंक्शन, गोविंदपुरी और इटावा स्टेशन शामिल हैं। यहां जल्द ही इलेक्ट्रॉनिक लगेज मशीनें लगाई जाएंगी। यात्रियों का बैग तोलने के बाद ही उन्हें प्लेटफॉर्म पर प्रवेश मिलेगा।

वजन ही नहीं, बैग का आकार भी होगा चेक

रेलवे ने साफ किया है कि केवल वजन ही नहीं, बल्कि बैग का साइज भी जांचा जाएगा। यदि बैग इतना बड़ा है कि कोच में अतिरिक्त जगह घेरता है तो यात्रियों को पेनल्टी चुकानी पड़ेगी। यानी वजन कम होने पर भी बड़े आकार का बैग परेशानी बन सकता है।

अलग-अलग क्लास के यात्रियों के लिए सामान की सीमा

भारतीय रेलवे ने कोच क्लास के आधार पर फ्री लगेज की सीमा तय की है—

फर्स्ट एसी यात्री: 70 किलो तक

सेकंड एसी यात्री: 50 किलो तक

थर्ड एसी यात्री: 40 किलो तक

स्लीपर क्लास यात्री: 40 किलो तक

जनरल व सेकंड सिटिंग यात्री: 35 किलो तक

नियमों के अनुसार यात्री तय सीमा से 10 किलो तक अतिरिक्त सामान ले जा सकते हैं, लेकिन उससे ज्यादा सामान होने पर स्टेशन पर लगेज बुकिंग करानी होगी।

तय सीमा से ज्यादा सामान पर डेढ़ गुना चार्ज

यदि किसी यात्री के पास बिना बुकिंग तय सीमा से ज्यादा सामान पाया जाता है, तो उस पर सामान्य दर से डेढ़ गुना ज्यादा चार्ज लगाया जाएगा।

यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखकर बनाया नियम

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह नियम यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों को देखते हुए लागू किया गया है। कई बार यात्री जरूरत से ज्यादा सामान लेकर चलते हैं, जिससे कोच में दूसरों को दिक्कत होती है और सुरक्षा जोखिम भी बढ़ता है। त्योहारों और छुट्टियों के दौरान भीड़ नियंत्रित करने के लिए लगेज पर नियंत्रण को अहम कदम माना जा रहा है।

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