निर्वाण फाउंडेशन ने सी-सेक्शन के दुरुपयोग के खिलाफ उठाई आवाज़, तीन शीर्ष अधिकारियों के समक्ष दर्ज कराई जनसुनवाई
"माँ का अधिकार – ऑपरेशन नहीं, संरक्षण चाहिए!"
गाज़ियाबाद, 28 जुलाई 2025:ग्राम्य भारत की माताओं को उनका सम्मान और अधिकार दिलाने के उद्देश्य से निर्वाण फाउंडेशन ने एक नई और प्रभावशाली पहल की है। फाउंडेशन के संस्थापक ईश्वर चंद्र ने जानकारी दी कि गाज़ियाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), उपजिलाधिकारी (SDM) और जिलाधिकारी (DM) के समक्ष ऑनलाइन जनसुनवाई के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई गई है।
शिकायत संख्या:
40014025036205 (CMO गाज़ियाबाद)
40014025036203 (SDM मोदीनगर)
40014025036182 (DM गाज़ियाबाद)
ईश्वर चंद्र ने बताया कि निजी अस्पतालों और नर्सिंग होमों में माताओं को बिना आवश्यकता के सी-सेक्शन (ऑपरेशन से प्रसव) के लिए बाध्य किया जा रहा है। यह चलन अब व्यवसायिक लालच का रूप ले चुका है, जिससे खासकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाएं सबसे अधिक पीड़ित हैं।
शिकायतों में उठाए गए प्रमुख मुद्दे:
बिना चिकित्सकीय जरूरत के महिलाओं पर सी-सेक्शन थोपना।
मातृत्व स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव, भविष्य में गर्भधारण में समस्याएं।
प्राकृतिक प्रसव को हतोत्साहित करने की खतरनाक प्रवृत्ति।
निर्वाण फाउंडेशन की मांगें:
जिले के सभी नर्सिंग होम और अस्पतालों का ऑडिट कराया जाए।
ऑपरेशन से पूर्व महिला की स्वतंत्र सहमति और स्पष्ट चिकित्सकीय कारण अनिवार्य किया जाए।
स्वास्थ्य शिक्षा एवं जनजागरूकता अभियान चलाया जाए ताकि महिलाएं अपने अधिकारों को जान सकें।
ईश्वर चंद्र ने कहा कि यह सिर्फ गाज़ियाबाद या काजमपुर की बात नहीं है, यह हर उस माँ की लड़ाई है जिसे प्राकृतिक मातृत्व के अधिकार से वंचित किया जा रहा है – सिर्फ मुनाफे की खातिर।
फाउंडेशन की अपील:
सभी नागरिक जनसुनवाई पोर्टल पर अपनी आवाज़ उठाएं।
अपने क्षेत्र में हो रहे ऐसे मामलों की जानकारी साझा करें।
“माँ का अधिकार – ऑपरेशन नहीं, संरक्षण चाहिए!” मुहिम में सक्रिय सहभागी बनें।
यह सिर्फ एक स्वास्थ्य मुद्दा नहीं, बल्कि एक माँ की गरिमा की लड़ाई है — और इसमें हम सब सिपाही हैं।
