राम नाम की रक्षा के लिए धरने पर बैठे निर्वाण फाउंडेशन के संस्थापक ईश्वर चंद्र, उठाई पांच सूत्रीय मांगें

मोदीनगर, 15 अप्रैल 2025 — प्रसिद्ध सामाजिक संस्था निर्वाण फाउंडेशन के संस्थापक ईश्वर चंद्र आज एक बार फिर आठ दिन के प्रशासनिक आश्वासन के बाद तहसील परिसर, मोदीनगर में धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने बताया कि यह धरना प्रभु श्रीराम और महाबली हनुमान जी के नाम की प्रतिष्ठा व सम्मान को बचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

ईश्वर चंद्र ने नवनियुक्त उपजिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा और उनका स्वागत किया। ज्ञापन में विशेष तौर पर संजीवनी एस्टेट कॉलोनी, सिकरी खुर्द, मोदीनगर में नाली निर्माण में राम नाम की ईंटों के उपयोग पर आपत्ति दर्ज की गई। उनका कहना है कि यदि नाली से राम नाम की ईंटें नहीं हटाई गईं, तो वानर सेना के साथ विशाल रैली निकाली जाएगी। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर किसी वानर ने उत्पात मचाया तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

ईश्वर चंद्र ने यह भी बताया कि उपजिलाधिकारी महोदय ने उनकी बातों को गंभीरता से सुनते हुए भावुक प्रतिक्रिया दी और लगभग 10–11 दिनों में राम नाम की ईंटों को नाली से निकालने एवं अन्य मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

इस धरने में देश के विभिन्न राज्यों से आए राम भक्तों ने भी भाग लिया, जिनमें झारखंड से गौतम कुमार शर्मा, पटना (बिहार) से प्रत्यूष राज, बनारस से पंडित सत्यप्रकाश शर्मा शामिल थे। उन्होंने समाचार माध्यमों के माध्यम से राम नाम की ईंटों के अपमान की खबरें पढ़कर धरना स्थल तक कई सौ किलोमीटर की दूरी तय की।

राम भक्तों ने मोदीनगरवासियों की उदासीनता पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा, “यदि यहां के लोग राम नाम के लिए भी एकजुट नहीं हो सकते, तो उन्हें अपने हिंदू धर्म के नकली मुखौटे उतारकर किसी अन्य धर्म में शरण ले लेनी चाहिए।”

ईश्वर चंद्र ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन अब भी मौन रहा, तो निर्वाण फाउंडेशन, हमारी सनातनी सेना, और भारतीय युवा ग्रामीण व शहरी विकास व्यापार मंडल मोदीनगर क्षेत्र में वानर सेना के साथ मिलकर पैदल मार्च निकालेगा। इस विरोध को नगरपालिका व तहसील प्रशासन की लापरवाही और धार्मिक भावनाओं के अपमान के खिलाफ निर्णायक आंदोलन बनाया जाएगा।

धरने पर रखी गई पांच सूत्रीय प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

नाली निर्माण से राम नाम की ईंटें समान सहित हटाई जाएं।

संजीवनी एस्टेट कॉलोनी सिकरी खुर्द में मंदिर निर्माण हेतु भूमि प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जाए।

नगरपालिका व तहसील प्रशासन इस कृत्य के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगे, और भविष्य में किसी धर्म की आस्था से जुड़ी ईंटों को सड़कों, नालियों, नालों में उपयोग न करने का आश्वासन दे।

राम पर अपमानजनक टिप्पणी करने वालों पर FIR दर्ज की जाए।

झूठी जांच रिपोर्ट तैयार करने वाले लेखपाल व कानूनगो को उनके पद से हटाया जाए।

इस मौके पर अमित अग्रवाल (नवरसन गुरूजी), कविता चौधरी, सुशीला, अंशु बजरंगी, अशोक शर्मा कुराली, कृष्ण पाल, रोहित सहित बड़ी संख्या में राम भक्त उपस्थित रहे।

धरना स्थल पर सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं, वहीं प्रशासनिक अधिकारी भी हालात पर नजर बनाए हुए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इन मांगों पर कब तक और कितनी गंभीरता से कार्रवाई करता है।

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