विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर रामपुर को नई सौगात, सदर अस्पताल में शुरू हुई हेपेटाइटिस बी व सी की जांच व इलाज सुविधा

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी.के. वर्मा ने किया उद्घाटन

रामपुर। विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर सदर अस्पताल, रामपुर ने आम जनमानस को बड़ी सौगात दी है। अब रामपुरवासियों को हेपेटाइटिस बी और सी की जांच और इलाज के लिए मेरठ या अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। अस्पताल में आरएनए जांच मशीन की स्थापना कर दी गई है, जिसका उद्घाटन मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी.के. वर्मा के हाथों किया गया।

डॉ. वर्मा ने बताया कि यह सुविधा रामपुर जिले के हजारों मरीजों के लिए वरदान साबित होगी। अब मरीजों के सैंपल न तो खराब होंगे और न ही बदलेंगे, जिससे उन्हें समय और पैसा दोनों की बचत होगी।

  24 घंटे में 24 सैंपल की जांच संभव
नई मशीन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि 24 घंटे में 24 मरीजों की जांच की जा सकती है और उसी दिन रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी। अब यह जांच सदर अस्पताल की पैथोलॉजी में चौबीसों घंटे की जाएगी और कोई भी डॉक्टर यह जांच लिख सकेगा।

  ₹50,000 की दवाएं अब अस्पताल में मुफ्त
डॉ. वर्मा ने बताया कि जो दवाएं पहले प्राइवेट में ₹50,000 तक की आती थीं, अब सरकारी अस्पताल में निशुल्क मिलेंगी। हेपेटाइटिस बी या सी की पुष्टि होने पर मरीज को तीन महीने का कोर्स दिया जाएगा, जिसमें रोजाना एक गोली रात में लेनी होती है। इसके साथ ही छह महीने में एक बार मरीज को दोबारा जांच करवानी होगी।

  हेपेटाइटिस बी और सी का कार्यवृत्त
हेपेटाइटिस बी वायरस यकृत कोशिका में जाकर cccDNA बनाता है, जो वायरस के निर्माण में मदद करता है।

हेपेटाइटिस सी वायरस यकृत में प्रवेश कर आनुवंशिक आरएनए जारी करता है, जिससे लंबे समय तक संक्रमण रह सकता है और सिरोसिस व यकृत विफलता का खतरा बढ़ जाता है।

  संक्रमण के मुख्य कारण
डॉ. वर्मा ने बताया कि हेपेटाइटिस बी और सी संक्रमित रक्त, वीर्य या शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क से फैलता है। इसके मुख्य कारण:

असुरक्षित यौन संबंध

संक्रमित सुई या इंजेक्शन का उपयोग

जन्म के दौरान मां से बच्चे में संक्रमण

गंदे व असुरक्षित तरीके से टैटू बनवाना

झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा सुई का दोबारा उपयोग

इलाज हेतु आवश्यक दस्तावेज
आधार कार्ड

हेपेटाइटिस पॉजिटिव की रिपोर्ट

अस्पताल में कराई गई जांच

  बाहरी मरीजों के लिए भी व्यवस्था
अगर कोई मरीज बाहर से आता है तो उसे अस्पताल में जांच करानी होगी, रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर ही उसे मुफ्त इलाज व दवाएं मिलेंगी। एक बार में एक माह की दवा दी जाएगी, और महीने में एक बार जांच अनिवार्य होगी।

रामपुर के लिए यह सुविधा स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को काफी राहत मिलेगी। इस प्रयास के लिए डॉ. डी.के. वर्मा व सदर अस्पताल की टीम की सराहना की जा रही है।

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