नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने रविवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल और तमिलनाडु के वरिष्ठ भाजपा नेता चंद्रपुरम पोननुसामी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया। भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने पार्टी की संसदीय बोर्ड बैठक के बाद यह घोषणा की। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सहयोगी दलों के नेता मौजूद थे।
नड्डा ने कहा कि 67 वर्षीय राधाकृष्णन एक अनुभवी, जनसेवी और ओबीसी समाज से आने वाले नेता हैं। वे दो बार लोकसभा सांसद (कोयम्बटूर) रह चुके हैं और चार दशक से अधिक का सार्वजनिक जीवन का अनुभव रखते हैं। उन्होंने अपील की कि सभी दल मिलकर उन्हें सर्वसम्मति से उपराष्ट्रपति चुनें।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “थिरु सी. पी. राधाकृष्णन जी ने समर्पण, विनम्रता और बुद्धिमत्ता से अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने सदैव समाज सेवा और वंचितों को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है। मुझे विश्वास है कि वे एक प्रेरणादायी उपराष्ट्रपति साबित होंगे।”
राधाकृष्णन ने अपनी उम्मीदवारी की घोषणा के बाद कहा, “मुझे जो विश्वास और अवसर मिला है, उसके लिए मैं भाजपा और एनडीए नेतृत्व का आभारी हूं। मैं राष्ट्र की सेवा में अंतिम सांस तक समर्पित रहूंगा। जय हिंद।”
एनडीए के पास लोकसभा और राज्यसभा के कुल 781 सांसदों वाले निर्वाचन मंडल में लगभग 422 सांसदों का समर्थन है, जबकि बहुमत के लिए 391 वोट जरूरी हैं। ऐसे में राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
भाजपा का मानना है कि राधाकृष्णन का ओबीसी समुदाय से आना और तमिलनाडु से जुड़ाव दक्षिण भारत में पार्टी को नई मजबूती देगा। साथ ही, यह कांग्रेस और विपक्षी दलों की ओबीसी राजनीति के खिलाफ भाजपा की रणनीति को भी मजबूत करेगा।
उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 21 अगस्त है। यदि विपक्ष उम्मीदवार उतारता है तो चुनाव 9 सितंबर को होगा।
