ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण को नई दिशा दे रहा ‘नई चेतना अभियान 4.0’, लखीसराय के सभी प्रखंडों में कार्यक्रम जारी

25 नवंबर से शुरू अभियान 23 दिसंबर तक, महिलाओं की आर्थिक भूमिका, सुरक्षा और अधिकारों पर होगा विशेष फोकस

लखीसराय(सरफराज आलम)ग्रामीण महिलाओं के सम्मानजनक जीवन के अधिकार को सशक्त बनाने, उनके श्रम बल की भागीदारी दर को बढ़ावा देने, समाज में व्याप्त भेदभाव, हिंसा, और असमानताओ की संरचनात्मक बाधाओं को समाप्त करने के उद्देश्य से नई चेतना अभियान 4.0 – एक पहल बदलाव की और लखीसराय जिला के सभी प्रखंडों में जारी है।यह कार्यक्रम पिछले 25 नवंबर से प्रारंभ हुई है और 23 दिसंबर 2025 तक चलेगा। इस अभियान के तहत महिलाओं के आर्थिक अवसरों, सुरक्षा, गतिशीलता और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी को प्रोत्साहित करते हुए यह सन्देश देना है कि महिलाओं की समान भागीदारी ही समावेशी और विकसित समाज की आधारशीला है l “नई चेतना अभियान- 4” राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन , ग्रामीण विकास विभाग, भारत सरकार के तत्वाधान में जारी है l लखीसराय में गठित 17 संकुल स्तरीय संघ और दीदी अधिकार केन्द्रों के माध्यम से ग्रामीण ग्रामीण महिलाओं की आवाज़ और बुलंद होगी और विभिन्न योजनाओं के साथ अपने अधिकारों को जान सकेंगीं l ग्रामीण महिलाएं अपने संगठनो , जीविका अधिकार केंद्र और नई चेतना अभियान के माध्यम से संरचनात्मक बाधाओं को अपनी सक्षमता से दूर करेंगी।
सामुदायिक संगठनो के माध्यम जीविका दीदियाँ लिंग आधारित हिंसा को रोकने का संकल्प ले रही हैं l जन जागरूकता अभियान के तहत रैली, प्रभात फेरी, कैंडल मार्च, हस्ताक्षर अभियान एवं संकल्प सभा आदि कार्यक्रम 25 नवंबर से जारी हैं l अभियान में तीन महत्वपूर्ण विषय –घरेलु हिंसा , बाल लिंगानुपात और बाल विवाह उन्मूलन हेतु अभियान चलाया जा रहा है ।राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, ग्रामीण विकास विभाग, भारत सरकार के तत्वाधान में 25 नवंबर 2022 को “नई चेतना – एक पहल बदलाव की ओर” – पार्ट वन कार्यक्रम का देशव्यापी शुरुवात की गई थी l पुन : वर्ष 23 में आयोजित इस कार्यक्रम का नाम “नई चेतना अभियान- पहल बदलाव की ओर-2” दिया गया l पिछले वर्ष भी “नई चेतना अभियान-3 –एक पहल बदलाव की ओर” 25 नवंबर 2024 से शुरू होकर 23 दिसंबर 2024 को अन्तराष्ट्रीय मानव एकता दिवस के अवसर पर समाप्त हुआ था l अभियान में तीन महत्वपूर्ण विषय –घरेलु हिंसा , बाल लिंगानुपात और बाल विवाह उन्मूलन हेतु अभियान चलाया जाता है l ग्रामीण विकास विभाग , भारत सरकार के निर्देशानुसार जीविका से संबद्ध सामुदायिक संगठनो के सहयोग से महिलाओं की लैंगिक समानता और लिंग आधारित हिंसा की रोकथाम को लेकर एक व्यापक जागरूकता अभियान चार सप्ताह तक चलाया जाता है। नई चेतना अभियान का आयोजन सभी समूह, ग्राम संगठन एवं संकुल संघ के स्तर पर किया जाता है। अनिता कुमारी, जिला परियोजना प्रबंधक , जीविका- लखीसराय ने बताया कि इस अभियान में जीविका दीदियों द्वारा संचालित दीदी अधिकार केंद्र की भूमिका महत्वपूर्ण है।

जिले के हलसी, सूर्यगढ़ा, लखीसराय सदर, रामगढ़ एवं चानन में दीदी अधिकार केंद्र संचालित है, दीदी अधिकार केंद्र के माध्यम से महिलाओं के अधिकारों एवं सुरक्षा की दिशा एवं दशा को सुधरने एवं संवारने का कार्य जारी है। अभियान के पहले सप्ताह में महिलाओं के आर्थिक भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाना दृष्टिकोण में परिवर्तन लाना प्रमुख विषय है l दुसरे सप्ताह में महिलाओं को संसाधनों तक समान और व्यापक पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जागरूक करने हेतु कई प्रकार की गतिविधियाँ आयोजित की जाएगी।“नई चेतना अभियान- पहल बदलाव की ओर के सफल क्रियान्वयन के लिए लखीसराय में जीविका द्वारा गठित 11 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह और 581 ग्राम संगठनो की बैठक में रणनीति तैयार की गई है l 25 नवंबर से शुरू हुआ अभियान 23 दिसंबर 25 को अंतराष्ट्रीय मानव एकता दिवस के अवसर पर समाप्त होगा एवं 24 दिसंबर 2025 से अगले एक महीने तक बाल विवाह पर विशेष अभियान चलाया जाएगा।

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