लखीसराय जिले में रिश्ते, मानवता और करुणा का फिर एक बार क़त्ल हुआ है।मामला जिले के किऊल थाना क्षेत्र अंतर्गत हकीमगंज गांव का है। बताते चलें कि वर्ष-2018 में हकीमगंज गांव के मो0 मुस्तफा के पुत्र मो0 सद्दाम का विवाह पश्चिम बंगाल के संतरागाछी थाना अंतर्गत सुल्तानपुर के मोO युनुस की सुपुत्री सुल्ताना खातून से हुई थी। शादी के उपरांत मोO सद्दाम से सुल्ताना खातून को एक पुत्र प्राप्त हुआ।उसके करीब तीन वर्ष बाद सुल्तान खातून मोहम्मद सद्दाम से करीब 3 वर्ष बाद फिर एक बार गर्भवती हुई।इसी पश्चात सुल्ताना खातून ने मामी और भांजे के पवित्र रिश्ते को तार-तार करते हुए अपने पति मोहम्मद सद्दाम के भांजे को दिल दे बैठी, उक्त बातों की विस्तृत जानकारी देते हुए मोहम्मद सद्दाम ने बताया कि उसके बाद से मेरी पत्नी और मेरे भांजे का लगातार नाजायज संबंध चला रहा जो आज तक चल रहा है।उन्होंने काफी समझाया-बुझाया पर वह अपने हरकत से बाज नहीं आई।इस मामले की जानकारी मेरे द्वारा सुल्ताना खातून के परिजन और हकीमगंज ग्राम के लोगों को दी।पंचायत के लोगों ने यह सलाह दी कि मुझे न्यायालय के शरण में जाना चाहिए।
तब मैं इंसाफ के लिए न्यायालय के शरण में गया और आखिरकार न्यायालय ने दिनांक-24/7/2025 को मोहम्मद सद्दाम दूसरी शादी करने के लिए स्वतंत्र है। मोहम्मद सद्दाम ने कहा कि न्यायालय के आदेश के बाद मैं दूसरी शादी कर ली और सुल्तान खातून से जन्मे दो बच्चों में से एक बच्चे मेरे पास है।जो मेरे पास ही रहना चाहते हैं। फिलहाल मेरी पहली पत्नी अपने मायके में है और वह मुझे झूठा मुकदमा करके परेशान कर रही है और बार-बार मेरी हत्या करवाने की धमकी दे रही है। जिसमें कोलकाता के संतरागाछी के पुलिस की भी मिली भगत है।संतरागाछी के एक पुलिस अवर निरीक्षक राजेश गुप्ता हकीमगंज स्थित मेरे घर से सुल्तान खातून के परिजनों द्वारा तोहफे में दिए गए सारे सामान को ले गए। संतरागाछी के पुलिस अवर निरीक्षक राजेश गुप्ता ने मुझे मोटी रकम की भी मांग की। जिसे मैं देने से इनकार कर दिया।मोहम्मद सद्दाम ने खबरें जंक्शन के माध्यम से पश्चिम बंगाल सरकार और लखीसराय जिला प्रशासन से मांग किया है कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए उन्होंने आशंका जाहिर किया कि मेरी पहली पत्नी सुल्तान खातून संतरागाछी की पुलिस के मिली भगत से मेरी हत्या भी करवा सकते हैं।
