Mithi river desilting ‘scam’: अभिनेता डिनो मोरिया ईडी कार्यालय में पेश, 65 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच
मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता डिनो मोरिया गुरुवार को 65 करोड़ रुपये के मिठी नदी सिल्टिंग घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुए। अधिकारियों के अनुसार, मोरिया सुबह करीब 10:30 बजे साउथ मुंबई के बल्लार्ड एस्टेट स्थित ईडी कार्यालय पहुंचे।
यह पूछताछ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दर्ज मामले में हो रही है। ईडी को जांच में कुछ वित्तीय लेनदेन मिले हैं जो अभिनेता डिनो मोरिया और पहले से गिरफ्तार कुछ आरोपियों से जुड़े बताए जा रहे हैं।
ईडी को यह मामला मुंबई पुलिस आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा मई में दर्ज की गई FIR से प्राप्त हुआ, जिसमें 2017 से 2023 के बीच मिठी नदी की सिल्टिंग के लिए निकाले गए टेंडरों में ₹65.54 करोड़ के घोटाले का आरोप है। इन टेंडरों में बीएमसी अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से एक विशेष उपकरण आपूर्तिकर्ता को फायदा पहुंचाया गया और फर्जी बिलों के माध्यम से बड़े पैमाने पर धन निकासी की गई।
ईडी ने 6 जून को मुंबई और कोच्चि में 15 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसमें डिनो मोरिया के बांद्रा (पश्चिम) स्थित आवास, उनके भाई सैंटिनो मोरिया, बीएमसी अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों के ठिकानों को शामिल किया गया था।
सूत्रों के अनुसार, कोच्चि में स्थित Matprop Technical Services Pvt. Ltd. नामक कंपनी ने बीएमसी को सिल्टिंग मशीनें प्रदान की थीं। डिनो और उनके भाई के खिलाफ पूछताछ का एक मुख्य बिंदु केतन कदम और जय जोशी नामक दो गिरफ्तार आरोपियों के साथ उनके संबंध हैं, जो ‘सिल्ट पुशर’ मशीनों के किराये पर संचालन में शामिल बताए गए हैं।
इससे पहले डिनो मोरिया को 12 जून को भी कई घंटे ईडी कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। 2021 में भी उनके कुछ आस्तियों को ईडी ने अटैच किया था, जो कि गुजरात की फार्मा कंपनी स्टर्लिंग बायोटेक से जुड़े एक अन्य बैंक धोखाधड़ी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा था।
बता दें कि मुंबई में 2005 की बाढ़ के बाद मिठी नदी की सिल्टिंग योजना बनाई गई थी, ताकि भविष्य में ऐसी आपदाओं से बचाव हो सके। लेकिन हालिया जांच में पाया गया कि इसके नाम पर भारी भ्रष्टाचार हुआ।
