मिर्ज़ापुर: बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों पर कार्रवाई का आदेश, लेकिन बड़े स्कूलों पर चुप्पी क्यों?

बीएसए का आदेश जारी, पर कार्रवाई पर उठे सवाल

  • रिपोर्ट: मंजय वर्मा

मिर्ज़ापुर : जिले में बिना मान्यता के संचालित हो रहे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) द्वारा जारी किया गया है। हालांकि, इस आदेश की निष्पक्षता और प्रभावशीलता पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं।

छोटे स्कूलों पर कार्रवाई, बड़े स्कूलों पर मौन
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई सिर्फ छोटे निजी स्कूलों तक ही सीमित है, जबकि बड़े और प्रभावशाली स्कूल, जो वर्षों से बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं, उन पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।

Mirzapur Order to take action against schools running without recognition, but why silence on big schools

जनता में बढ़ रहा असंतोष, BSA से जवाब की मांग
आम जनता का कहना है कि बीएसए साहब की कार्रवाई चयनात्मक लग रही है। अगर एक आदेश सभी पर लागू है, तो फिर सिर्फ कुछ ही स्कूलों पर कार्रवाई क्यों हो रही है? लोग जानना चाहते हैं कि क्या प्रशासनिक दबाव या आर्थिक लेनदेन इसकी वजह है?

सवालों के घेरे में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कार्रवाई के नाम पर सिर्फ दिखावा किया जा रहा है, जिससे छोटे स्कूलों को निशाना बनाया जा सके और बड़े संस्थानों को बचाया जा सके। लोगों ने सवाल उठाया है:

“क्या बीएसए साहब खुद इस मामले में जवाबदेह नहीं हैं? क्या माल अकेले हज़म किया जा रहा है और जनता को भ्रम में रखा जा रहा है?”

जनता की मांग: सभी स्कूलों पर समान कार्रवाई हो
जिले की जनता अब शिक्षा विभाग से पारदर्शिता और समानता की मांग कर रही है। लोग चाहते हैं कि हर स्कूल की जांच हो, और जो भी बिना मान्यता के चल रहा हो, उस पर सख्त कार्रवाई की जाए, चाहे वह छोटा हो या बड़ा।

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