अमृतसर। पंजाब के अमृतसर जिले में 14 वर्षीय नाबालिग लड़की की शादी कराए जाने का मामला सामने आया है, जिसे समाजसेवी संस्था की सूचना पर समय रहते रोक दिया गया। घटना मोहकमपुरा थाने के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र की है, जहां समाजसेवी सपना मेहरा की अगुवाई में संस्था की टीम ने मौके पर पहुंचकर बाल कल्याण विभाग व पुलिस को सूचना दी।
समाजसेवी संस्था के अनुसार, लड़की के परिवार वाले तरनतारन रोड स्थित भाई मंझ सिंह इलाके में शादी की तैयारी कर रहे थे। संस्था की जानकारी पर पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके से लड़की को थाने लाया गया।
हालांकि लड़की की दादी ने दावा किया कि यह केवल सगाई की रस्म थी, शादी नहीं। लेकिन भारतीय कानून के तहत 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की की न तो शादी हो सकती है और न ही सगाई की अनुमति दी जाती है। पुलिस ने लड़की के परिजनों से सगाई से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं।
नाबालिग लड़की ने बयान में कहा कि वह अपनी मर्जी से शादी करना चाहती थी, क्योंकि उसने पढ़ाई पूरी कर ली है और मां के ना होने पर उसकी देखरेख दादी ही करती रही हैं।
मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की कि उन्हें लड़के पक्ष के किसी सदस्य की उपस्थिति नहीं मिली है। पुलिस का कहना है कि प्राथमिक जांच के आधार पर यह स्पष्ट है कि लड़की नाबालिग है और ऐसे में शादी या सगाई दोनों ही गैरकानूनी हैं। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
