गुस्ताखी माफ हरियाणा – पवन कुमार बंसल
मंडल आयोग की रिपोर्ट के विरोध में महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी, रोहतक के छात्रों ने जबरदस्ती वीसी जनरल अग्रवाल का इस्तीफ़ा लिखवा लिया।
1990 में रोहतक में महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी के तत्कालीन कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) जी.सी. अग्रवाल से, पिछड़ों को आरक्षण देने का विरोध कर रहे छात्रों ने जबरदस्ती इस्तीफ़ा लिखवा लिया।
उनके दफ्तर में उनसे बदतमीजी और गाली-गलौज की गई। उनकी मेज उलट दी गई। वे इतने आहत हुए कि स्वयं ही चले गए। तत्कालीन राज्यपाल तथा यूनिवर्सिटी के शिक्षकों ने उनसे इस्तीफ़े पर जोर न देने का आग्रह किया।
राज्यपाल बरारी साहिब, जो उनके दोस्त थे और यूनिवर्सिटी के चांसलर भी थे, ने इस्तीफ़ा नामंजूर कर दिया। लेकिन गुंडागर्दी से आहत अग्रवाल साहिब ने फिर कभी रोहतक की तरफ नहीं देखा।
यूनिवर्सिटी के एक शिक्षक ने बताया कि उन्होंने अग्रवाल साहिब से अपना फैसला बदलने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने अंग्रेज़ी में कहा, “I have to go”, मतलब मुझे जाना है।
अग्रवाल साहिब से बदतमीजी करने वाले छात्र बाद में यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर बने।
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