फ़ाइलेरिया मुक्त लखीसराय बनाना हमारी प्राथमिकता- डॉ राकेश

11 फरवरी को मेगा एमडीए कैंप लगाकर कराया जाएगा दवा सेवनस्वास्थ्य मंत्री करेंगे राज्य स्तरीय उद्घाटन,जिले में 11,14,234 लाभार्थियों को खिलाया जाएगा फाइलेरिया रोधी दवा

लखीसराय(सरफराज आलम)फाइलेरिया रोग के उन्मूलन के लिए जिला में 10 से शुरू हो रहे सर्वजन दवा सेवन अभियान के सफलता के लिए रविवार को सदर अस्पताल में सीफार के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग ने मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ राकेश कुमार ने बताया कि 10 फरवरी से शुरू हो रहे सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम के दौरान सभी लाभार्थियों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाना सुनिश्चित किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा सेवन के लिए 11 फरवरी को मेगा एमडीए कैंप का आयोजन सभी आगंवाडी केन्द्र पर किया जाएगा। जिसमे बूथ लगा कर समुदाय के सभी लक्षित लाभार्थियों को स्वास्थ्यकर्मी अपने सामने दवा सेवन कराएंगे। जीविका के सभी सदस्य को भी मेगा कैंप में दवा खिलाया जाना है। प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी अगले 14 दिनों तक घर-घर जाकर छूटे हुए लाभार्थियों को दवा का सेवन कराने के साथ अंतिम तीन दिनों तक सभी स्कूल में बूथ लगाकर दवा खिलाना सुनिश्चित करेंगे । उन्होंने बताया कि फाइलेरिया रोधी दवा पूरी तरह सुरक्षित है।

रक्तचाप, शुगर, अर्थरायीटिस या अन्य सामान्य रोगों से ग्रसित व्यक्तियों को भी ये दवा खानी हैं । सामान्य लोगों को इन दवाओं के खाने से किसी भी प्रकार के दुष्प्रभाव नहीं होते हैं और अगर किसी को दवा खाने के बाद मितली आये , चक्कर जैसे लक्षण होते हैं तो यह शुभ संकेत है। इसका मतलब है कि हैं कि उस व्यक्ति के शरीर में फाइलेरिया के परजीवी मौजूद हैं, जो दवा खाने के बाद मर रहें हैं।

उन्होंने कहा कि इस दौरान यदि किसी लाभार्थी को दवा सेवन के बाद किसी प्रकार की कोई कठिनाई प्रतीत होती है तो उससे निपटने के लिए हर ब्लॉक में रैपिड रेस्पोंस टीम तैनात रहेगी। जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार नरेंद्र कुमार ने बताया कि जिला के कुल 11,14,234 लाभार्थियों को 580 टीम के द्वारा कार्यक्रम के दौरान फाइलेरिया से सुरक्षित रखने के लिए डीईसी एवं अल्बेंडाजोल निर्धारित खुराक, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा घर-घर जाकर, अपने सामने खिलाई जाएगी । उन्होंने बताया कि दवा का वितरण बिलकुल भी नहीं किया जाएगा।

इन दवाओं का सेवन खाली पेट नहीं करना है । दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिला, गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को दवा नहीं खिलाई जाएगी। फाइलेरिया रोधी दवा पूरी तरह सुरक्षित हैं। अपने समाचार पत्र और चैनल के माध्यम से लोगों तक इस प्रकार संदेश पहुंचाएं कि प्रत्येक लाभार्थी फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन स्वास्थ्यकर्मियों के सामने ही सुनिश्चित करें और इस कार्यक्रम में उनका पूर्ण सहयोग करें । पिरामल के जिला प्रतिनधि गौतम कुमार झा ने बताया कि फाइलेरिया या हाथीपांव रोग, सार्वजनिक स्वास्थ्य की गंभीर समस्या है। यह रोग संक्रमित मच्छर के काटने से फैलता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्लूएचओ के अनुसार फाइलेरिया दुनिया भर में दीर्घकालिक विकलांगता के प्रमुख कारण में से एक है।

यह संक्रमण लिम्फैटिक सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है और अगर इससे बचाव न किया जाए तो इससे शारीरिक अंगों में असामान्य सूजन होती है। फाइलेरिया के कारण चिरकालिक रोग जैसे: हाइड्रोसील अंडकोष की थैली में सूजन, लिम्फेडेमा अंगों में सूजन और दूधिया सफेद पेशाब काईलूरिया से ग्रसित लोगों को अक्सर सामाजिक भेदभाव सहना पड़ता है, जिससे उनकी आजीविका व काम करने की क्षमता भी प्रभावित होती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि अगर व्यक्ति लगातार पांच साल तक फाइलेरिया रोधी दवा खा लेता है तो पूरे जीवन उसे फाइलेरिया रोग होने की सम्भावना समाप्त हो जाती है।

मौके पर अस्पताल प्रबंधक नंद किशोर भारती, वेक्टर जनित नियंत्रण पदाधिकारी शालिनी कुमारी, डब्लूएचओ जिला प्रतिनिधि अजय कुमार, सीफार एवं पिरामल प्रतिनधि सहित अन्य लोग मौजूद थे ।

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