ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिका द्वारा सैन्य कार्रवाई किए जाने को लेकर दुनिया भर में कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब मीडिया रिपोर्ट्स में बड़ा दावा सामने आया है कि अमेरिका को ईरान पर सैन्य हमला करने से उसके सबसे बड़े विरोधी इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रोका था।
क्या है पूरा मामला
डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की थी और उन्हें ईरान पर मिलिट्री हमला न करने के लिए मनाया था। नेतन्याहू को आशंका थी कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, तो जवाबी कार्रवाई में सबसे पहले निशाना इजराइल को ही बनाया जाएगा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ट्रंप से बात करने से पहले नेतन्याहू ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से भी चर्चा की थी। इसी दिन व्हाइट हाउस में ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों पर विचार के लिए बैठक हुई थी।
नेतन्याहू से बातचीत के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया से कहा था कि ईरान ने सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों को फांसी देने का फैसला फिलहाल टाल दिया है, इसलिए इस पूरे मामले का समाधान कूटनीतिक तरीके से खोजा जाएगा।
इन मुस्लिम देशों की भी रही भूमिका
रिपोर्ट के अनुसार, कतर, सऊदी अरब, ओमान और मिस्र समेत कई खाड़ी देशों ने भी डोनाल्ड ट्रंप से ईरान पर हमला न करने की अपील की थी। इन देशों को डर था कि अमेरिकी हमले से पूरा इलाका युद्ध की चपेट में आ सकता है। खाड़ी देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों से कई बार इस विषय पर बातचीत की। इजरायली और अरब, दोनों ही पक्षों को आशंका थी कि अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान उनके देशों पर हमला कर सकता है। इसी वजह से अरब देश न सिर्फ अमेरिका से, बल्कि ईरान के शीर्ष अधिकारियों से भी संपर्क में थे।
अब भी बना हुआ है तनाव
डेली मेल की रिपोर्ट में कहा गया है कि डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले के सैन्य विकल्प को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। उनका अंतिम फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि ईरानी अधिकारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों से कैसे निपटते हैं। गौरतलब है कि बीते कुछ हफ्तों में ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं, जिनमें करीब 2500 लोगों के मारे जाने की खबर है। वहीं, लगभग 18,000 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसेनी-एजेई ने संकेत दिए हैं कि हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ तेजी से सुनवाई कर फांसी की सजा दी जा सकती है।
ईरान से लौटे भारतीय नागरिक
ईरान में हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। वहां से भारतीय नागरिकों की वापसी जारी है। 17 जनवरी, शनिवार को ईरान से भारतीय नागरिकों का पहला जत्था दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा। लौटे नागरिकों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से इंटरनेट सेवाएं बंद थीं और हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए थे।
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