पहलगाम आतंकी हमले में NIA का बड़ा खुलासा, पूरक चार्जशीट में हाफिज सईद का नाम शामिल

  • रिपोर्ट: सुरजीत सिंह

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन मैदान में हुए भीषण आतंकी हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपनी पूरक चार्जशीट में बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के सरगना हाफिज सईद को आरोपी बनाते हुए दावा किया है कि हमले की पूरी साजिश पाकिस्तान में रची गई थी और इसे सीमा पार से संचालित किया गया।

एनआईए ने जम्मू की विशेष अदालत में दाखिल चार्जशीट में हाफिज सईद को व्यक्तिगत रूप से आरोपी बनाया है। उस पर लश्कर-ए-तैयबा और उसके सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के प्रमुख के रूप में आतंकवाद, भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और आपराधिक साजिश रचने सहित कई गंभीर धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

पाकिस्तान से हुआ पूरे ऑपरेशन का संचालन
जांच एजेंसी के अनुसार, हमले की योजना बेहद सुनियोजित तरीके से तैयार की गई थी। आतंकियों को सुरक्षित ठिकाने, हथियार, आधुनिक संचार साधन और स्थानीय जानकारी पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों द्वारा उपलब्ध कराई गई। एनआईए का कहना है कि वैज्ञानिक जांच, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और घटनास्थल से जुटाए गए सबूतों ने इस पूरे आतंकी नेटवर्क की पुष्टि की है।

तीनों पाकिस्तानी आतंकियों की पहचान
चार्जशीट में बताया गया है कि हमले को अंजाम देने वाले तीनों पाकिस्तानी आतंकियों की पहचान पहले ही की जा चुकी है। इनमें से एक आतंकी सुरक्षा बलों के अभियान में मारा जा चुका है। वहीं, गिरफ्तार किए गए स्थानीय सहयोगियों पर आरोप है कि उन्होंने आतंकियों को ठहरने, भोजन और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराई, लेकिन इसकी जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को नहीं दी।

डिजिटल सबूतों से खुली साजिश की परतें
एनआईए के मुताबिक, हमले से एक दिन पहले आतंकी कई घंटे तक एक स्थानीय व्यक्ति के घर में रुके थे। इस दौरान उन्होंने भोजन किया, हथियार छिपाए और सुरक्षा बलों की गतिविधियों पर चर्चा की। जांच में आतंकियों के मोबाइल फोन से मिले चैट, कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन डेटा से पाकिस्तान स्थित हैंडलरों के साथ लगातार संपर्क होने की पुष्टि हुई है। एजेंसी का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों ने पूरी साजिश की कड़ियों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाई।

धर्म के आधार पर पर्यटकों को बनाया गया निशाना
चार्जशीट में एनआईए ने दावा किया है कि हमले के दौरान आतंकियों ने धर्म के आधार पर पर्यटकों को निशाना बनाया। एजेंसी के अनुसार, इस हमले का उद्देश्य केवल लोगों की हत्या करना नहीं था, बल्कि देश में भय का माहौल पैदा करना और सांप्रदायिक तनाव फैलाना भी था।

एनआईए का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों से स्पष्ट होता है कि पूरे ऑपरेशन की कमान पाकिस्तान से संचालित की जा रही थी और लश्कर-ए-तैयबा तथा उसके सहयोगी संगठन टीआरएफ ने मिलकर इस आतंकी हमले की साजिश रची और उसे अंजाम दिया।

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