हरियाणा में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर: CM फ्लाइंग ने पकड़ा एचकेआरएन नौकरी घोटाला, कई लोग बने ठगी का शिकार

हरियाणा। सीएम फ्लाइंग टीम हिसार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) में नौकरी दिलाने और वाहन पासिंग करवाने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। टीम ने गांव सिसाय बोलान निवासी खेमचंद उर्फ दीपक को मुख्य आरोपी बताते हुए हांसी पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी देने सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

लगातार बढ़ रही थीं शिकायतें

सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज की इंचार्ज सुनैना ने बताया कि उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि आरोपी बेरोजगार युवाओं को एचकेआरएन में नौकरी लगाने का झांसा देकर मोटी रकम वसूल रहा है। टीम ने तुरंत मामले की जांच शुरू की और आरोप सही पाए।

फर्जी जॉइनिंग लेटर बांटकर की ठगी

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी खेमचंद ने कई युवाओं-युवतियों से हजारों रुपये वसूल कर फर्जी जॉइनिंग लेटर थमा दिए। इनमें उच्च शिक्षा विभाग और शिक्षा विभाग के नकली पत्र भी शामिल थे।

गांव डाटा निवासी अंकित से 19,000 रुपये लेकर महिला महाविद्यालय डाटा में फर्जी नियुक्ति पत्र दिया।

गांव गुराना निवासी पूजा से 25,000 रुपये लेकर नौकरी न देने पर उल्टा धमकाया।

सिसाय निवासी अमित से 15,000 रुपये वसूल कर फर्जी लेटर थमाया और विरोध करने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।

हांसी निवासी रानी से बेटे की नौकरी दिलाने के नाम पर 15,000 रुपये ऐंठ लिए।

सातरोड खुर्द निवासी महावीर से माली/एनिमल अटेंडेंट की पोस्ट दिलवाने का झांसा देकर 15,000 रुपये लिए।

वाहन पासिंग के नाम पर भी 54,000 रुपये हड़पे

आरोपी ने नौकरी ठगी के साथ-साथ वाहन पासिंग का फर्जी खेल भी खेला।

गांव सिसाय निवासी रामकुमार से गाड़ी की वैधता बढ़वाने और पासिंग करवाने के नाम पर 54,000 रुपये ले लिए, लेकिन न वैधता बढ़ी, न पैसे वापस मिले।

जांच में सभी आरोप सही साबित

सीएम फ्लाइंग की जांच में पता चला कि आरोपी ने जाली दस्तावेज तैयार किए, विभागीय अधिकारियों के नकली हस्ताक्षर किए और बेरोजगार युवाओं के साथ संगठित तरीके से धोखाधड़ी की। टीम को यह भी शक है कि आरोपी ने कई और लोगों से भी ऐसी ठगी की है।

पुलिस सक्रिय, जांच शुरू

सीएम फ्लाइंग द्वारा दी गई शिकायत पर हांसी पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया। पुलिस अब आरोपी के नेटवर्क, संभावित साथियों और पीड़ितों की संख्या बढ़ने की आशंका को ध्यान में रखते हुए आगे की जांच कर रही है।

यह मामला हरियाणा में बेरोजगार युवाओं को ठगने वाले फर्जी गिरोहों की सक्रियता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

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