रामपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन टीम) ने स्वार कोतवाली में तैनात उप निरीक्षक ओमकार नार्थ को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई कोतवाली परिसर स्थित मिशन शक्ति केंद्र के एक कमरे में की गई।
जानकारी के मुताबिक, दारोगा ओमकार नार्थ पर आरोप है कि उसने एक पति-पत्नी के बीच चल रहे घरेलू हिंसा के मामले को खत्म करवाने के नाम पर शिकायतकर्ता यशवीर सिंह से घूस की मांग की थी। पीड़ित यशवीर सिंह, जो सींगनखेड़ा गांव का निवासी है, से काफी बातचीत के बाद 10 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था।
शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने बीते शुक्रवार को एंटी करप्शन ब्यूरो मुरादाबाद को इस मामले की सूचना दी। इसके बाद टीम ने गोपनीय तरीके से शिकायत का सत्यापन किया और आरोप सही पाए जाने पर जाल बिछाया।
जैसे ही दारोगा ने रिश्वत की रकम ली, निरीक्षक राखी के नेतृत्व में पहुंची टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से केमिकल लगे नोट बरामद किए गए। जब उसके हाथ धुलवाए गए तो पानी का रंग गुलाबी हो गया, जो रिश्वत लेने का पुख्ता सबूत माना जाता है।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी दारोगा को थाना अजीम नगर ले जाया गया, जहां उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। बताया जा रहा है कि ओमकार नार्थ मूल रूप से हरदोई जिले के शुक्लापुर भगत गांव का निवासी है और वर्तमान में बरेली के इज्जतनगर में रह रहा था।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और मामले को लेकर आगे की जांच जारी है।
