कानपुर। जनपद के न्यायधीश को अधिवक्ताओं ने पदाधिकारियों सहित पत्र लिखकर यूपी पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं और नाराजगी जताई है। इसको लेकर कानपुर बार एसोसिएशन और कानपुर लायर्स एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से बड़ा कदम उठाया है।
कानपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष इंदीवर बाजपेई और महामंत्री अमित सिंह, वहीं कानपुर लायर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश वर्मा और महामंत्री राजीव यादव समेत सभी अधिवक्ताओं ने घोषणा की है कि वे शनिवार को न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि वाराणसी और कानपुर शहर में बीते दिनों कुछ अधिवक्ताओं पर फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए हैं और उन्हें मनगढ़ंत कहानियों के जरिए फंसाया जा रहा है। इतना ही नहीं, चंदौली में एक अधिवक्ता की हत्या कर दी गई लेकिन अब तक अपराधी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
कानपुर बिल्हौर में अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने जबरन गंभीर धाराओं में उनका नाम शामिल किया है। वहीं, बनारस जनपद में अधिवक्ताओं पर बर्बरता पूर्ण तरीके से लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिससे कई अधिवक्ता गंभीर रूप से घायल हो गए।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस की इस मनमानी और दमनात्मक कार्यवाही पर रोक नहीं लगाई गई, तो आंदोलन को और भी व्यापक किया जाएगा।
