डीएम मिथिलेश मिश्र के नेतृत्व में लखीसराय को मिली नई पहचान, तबादले से छाई मायूसी

लखीसराय(सरफराज आलम)मिथिलेश मिश्र ने 11 सितंबर 2024 को लखीसराय के जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार संभाला था। अपने लगभग 18 माह के कार्यकाल में उन्होंने जिले की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। उनका प्रशासनिक नेतृत्व कला, संस्कृति, खेल और पर्यटन के क्षेत्र में विशेष रूप से सराहनीय रहा।

उनके कार्यकाल में राज्य स्तरीय युवा महोत्सव, राज्य स्तरीय खेल महोत्सव, फिल्म महोत्सव सहित कई बड़े आयोजनों का सफल आयोजन हुआ, जिससे लखीसराय को नई सांस्कृतिक पहचान मिली। इसके साथ ही उन्होंने शहीदों को सम्मान देते हुए शहीद स्मारक स्थल का निर्माण कराया और जिले की ऐतिहासिक धरोहरों की खोज कर उन्हें राज्य एवं देश स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मिथिलेश मिश्र अपनी सक्रिय और जनसरोकार से जुड़ी कार्यशैली के लिए भी जाने जाते थे। वे हर समय आम जनता के लिए उपलब्ध रहते थे। आम नागरिकों द्वारा कॉल या व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क करने पर वे त्वरित प्रतिक्रिया देते थे और समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर रहते थे। यही कारण रहा कि वे लोगों के बीच काफी लोकप्रिय बने रहे। उन्होंने जिले को जाम और अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए भी कई कड़े और प्रभावी कदम उठाए।

शहर को सुंदर बनाने की दिशा में भी उन्होंने उल्लेखनीय कार्य किए। रेल पुल के पास स्थित बदसूरत दीवारों को लाल किले की तर्ज पर आकर्षक पेंटिंग से सजवाया गया, जिससे पहले जहां लोग उन दीवारों को देखकर असहज महसूस करते थे, वहीं अब वे सेल्फी प्वाइंट बन चुकी हैं और लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

इसके अलावा, जिले से बाहर देश-विदेश में रह रहे लोगों को लखीसराय से पुनः जोड़ने के उद्देश्य से ‘Re Connect Lakhisarai’ जैसे कार्यक्रम का आयोजन कराया गया, जिससे प्रवासी लोगों को अपने जिले से जुड़ने का अवसर मिला।

हालांकि, उनके कार्यकाल के अंतिम चरण में धान खरीदारी को लेकर विवाद सामने आया। अतिरिक्त लक्ष्य के वितरण में समानता नहीं बरते जाने के आरोप के बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई। इसी क्रम में अशोकधाम महोत्सव के बीच ही उनका तबादला कर दिया गया, जिसके बाद पूरे शहर में यह चर्चा का विषय बन गया।तबादले की अधिसूचना जारी होते ही जिले में मायूसी का माहौल छा गया। अधिकारियों से लेकर आम लोगों तक, हर वर्ग में उनकी लोकप्रियता के कारण यह खबर तेजी से फैल गई। मिथिलेश मिश्र हर धर्म और समाज के लोगों के बीच समान रूप से लोकप्रिय रहे और अपनी कार्यशैली से उन्होंने लोगों के दिलों में खास जगह बनाई।
उनका कार्यकाल जहां एक ओर विकास, नवाचार और जनसंपर्क के लिए याद किया जाएगा, वहीं अचानक हुए तबादले ने जिले में एक भावनात्मक खालीपन भी छोड़ दिया है।

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