अपहरण कांड का खुलासा: बदायूँ पुलिस ने 5 अभियुक्तों को किया गिरफ्तार, इनोवा कार, तमंचा और मोबाइल फोन बरामद

बदायूँ। बदायूँ पुलिस ने तेज़ और सटीक कार्रवाई करते हुए हाल ही में घटित अपहरण कांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक इनोवा कार, घटना में प्रयुक्त एंड्रॉइड मोबाइल फोन, एक अवैध तमंचा 12 बोर मय कारतूस, एक रस्सी और सूजा बरामद किया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार सिंह के निर्देश पर अपहर्ता की सकुशल शीघ्र बरामदगी हेतु विशेष टीम गठित की गई थी। उनके आदेशों के अनुपालन में अपर पुलिस अधीक्षक नगर विजयेंद्र द्विवेदी एवं क्षेत्राधिकारी दातागंज कृष्ण कुमार तिवारी के पर्यवेक्षण में गठित टीम ने शानदार कार्य करते हुए इस पूरे प्रकरण का खुलासा कर दिया।

थाना अलापुर पुलिस टीम ने सर्विलांस टीम की मदद से अपहर्त के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की, जो मुंबई, महाराष्ट्र की पाई गई। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम को तत्काल मुंबई रवाना किया गया, जहां 24 अक्टूबर 2025 को मुंबई सेंट्रल स्टेशन से अपहर्त को सकुशल बरामद किया गया।
बरामदगी के बाद अपहर्त को फ्लाइट से पुलिस सुरक्षा में बदायूँ लाया गया और नियमानुसार परिजनों के सुपुर्द किया गया।

इसी बीच, अभियुक्तों की तलाश में पुलिस टीम लगातार सक्रिय रही। सर्विलांस, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और सूचनाओं के आधार पर पांच अभियुक्तों —

जुनैद पुत्र मुन्ने खाँ निवासी ग्राम उरौलिया, थाना अलापुर

इब्ने अली उर्फ शाहरूख पुत्र नामे अली निवासी मोहम्मदगंज, थाना कादरचौक

कैश मोहम्मद पुत्र मुकीम निवासी वीवी सराय, थाना बन्नादेवी, जनपद अलीगढ़ (हाल पता: डोगरी, महाराष्ट्र)

पुष्पक म्हात्रे पुत्र संतोष म्हात्रे निवासी चौपाटी सी फेस, थाना डी.बी. मार्ग, महाराष्ट्र

निगार आलम पुत्र अमजद निवासी ग्राम उरौलिया, थाना अलापुर
को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने बताया कि अभियुक्त जुनैद इस पूरे घटनाक्रम का मुख्य सूत्रधार है। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह मुंबई में प्राइवेट नौकरी करता था और अपने सगे खालू शमशाद से पैसे ऐंठने तथा उन्हें बदनाम करने की नीयत से अपहरण की साजिश रची। उसने अपने साथियों शाहरूख, कैश मोहम्मद, पुष्पक म्हात्रे और निगार आलम के साथ मिलकर 22 अक्टूबर 2025 को ग्राम बेहटा डम्बर नगर के खेतों से मुनीर उर्फ छोटा (अपहर्त) को जबरन उठा लिया और उसे लेकर मुंबई भाग गया।

जुनैद और उसके साथियों ने शमशाद से फिरौती की मांग की थी, लेकिन लगातार दबिश और पीछा करने के चलते उन्होंने अपहर्त को मुंबई सेंट्रल स्टेशन के पास छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने अंततः सभी अभियुक्तों को अलापुर-बदायूँ मार्ग पर ककराला की ओर अमरूद के बाग के पास से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने उनके कब्जे से निम्नलिखित सामान बरामद किया —

एक टोयोटा इनोवा कार (संख्या MH02EU5202)

एक एंड्रॉइड वीवो मोबाइल फोन

एक तमंचा 12 बोर मय कारतूस

एक रस्सी व सूजा

जांच के दौरान मुकदमे में धारा 140(1) बीएनएस को हटाते हुए धारा 140(2)/115(2)/351(2)/352 बीएनएस एवं 3/25 आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी की गई।

अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास:
मुख्य अभियुक्त जुनैद पर पहले से मुंबई में धारा 420, 392 जैसे गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं। अन्य अभियुक्तों के खिलाफ भी कई आपराधिक प्रकरण चल रहे हैं।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम:

थानाध्यक्ष उदयवीर सिंह व उपनिरीक्षक सुमित कुमार (चौकी प्रभारी ककराला), थाना अलापुर

निरीक्षक माधो सिंह बिष्ट (प्रभारी SOG टीम, बदायूँ)

उपनिरीक्षक धर्मेंद्र सिंह (प्रभारी सर्विलांस सेल, बदायूँ)

बदायूँ पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई से न केवल अपहर्त की सकुशल बरामदगी संभव हुई, बल्कि एक संगठित आपराधिक गिरोह का पर्दाफाश भी हुआ। पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और नेटवर्क की जांच में जुटी है।

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