क्या कीटो डाइट वाकई सेहतमंद है? वजन घटाने से दिल की चिंता तक – जानिए क्या कहती है रिसर्च

एक संतुलित थाली जिसमें एवोकाडो, अंडे, नट्स, जैतून का तेल और पत्तेदार सब्ज़ियाँ हों — जो कीटो डाइट और मेडिटेरेनियन डाइट दोनों का प्रतिनिधित्व करे।

क्या कीटो डाइट वाकई सेहतमंद है? वजन घटाने से दिल की चिंता तक – जानिए क्या कहती है रिसर्च

100 साल पुरानी डाइट, अब नया ट्रेंड
आज कीटो डाइट को लोग महज एक “फैड डाइट” नहीं मानते। अमेरिका में करीब 1.3 करोड़ लोग इस हाई-फैट, लो-कार्ब डाइट को फॉलो करते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि ये ट्रेंड नहीं, बल्कि 100 साल पुराना मेडिकल ट्रीटमेंट है, जिसे मिर्गी के इलाज के लिए विकसित किया गया था।

बाज़ार में कीटो की धूम
Costco, Kroger और Target जैसे बड़े स्टोर्स अब “कीटो-फ्रेंडली” उत्पाद बेच रहे हैं। 13 अरब डॉलर का यह उद्योग 2030 तक 16 अरब डॉलर से ज़्यादा का हो जाएगा।

फायदे जिनसे लोग प्रभावित हैं
कीटो डाइट फॉलो करने वालों का दावा है कि इससे:

  • वजन तेज़ी से घटता है
  • भूख कम लगती है
  • ब्लड शुगर और इंसुलिन लेवल नियंत्रित रहता है
  • सूजन में कमी आती है

डॉ. ईथन वीस (UCSF) के अनुसार, कीटो टाइप 2 डायबिटीज़ के इलाज में भी उपयोगी साबित हुआ है।

लेकिन है खतरे भी
कीटो डाइट में फैट की मात्रा 70-80% तक होती है, जबकि कार्ब्स मात्र 5-10%। इससे शरीर “कीटोसिस” की स्थिति में चला जाता है – यानी ऊर्जा के लिए फैट को जलाने लगता है।

लेकिन कम कार्ब्स खाने का मतलब है – फल, सब्जियाँ और साबुत अनाज में कटौती, जिससे फाइबर, विटामिन्स और एंटीऑक्सीडेंट की कमी हो सकती है।

रिसर्च कहती है – सतर्क रहें
2023 में प्रकाशित BMC मेडिसिन की एक समीक्षा में पाया गया कि कीटो डाइट:

  • वजन कम करती है
  • ब्लड शुगर और ट्राइग्लिसराइड्स घटाती है
  • मेटाबॉलिक सिंड्रोम में सुधार करती है

लेकिन इसी स्टडी में यह भी कहा गया कि LDL (खराब) कोलेस्ट्रॉल में वृद्धि होती है, जो दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती है।

नुकसान जिनसे नहीं बचा जा सकता

  • कब्ज, सूजन और डायरिया जैसे पाचन संबंधी समस्याएं
  • किडनी स्टोन का जोखिम
  • सेल एजिंग और इंफ्लेमेशन (विशेषकर दिल और गुर्दों में)

डॉ. सादिया खान (नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी) का कहना है, “कई लोग वजन देखकर खतरे को नज़रअंदाज़ कर देते हैं।”

समाधान: ‘कीटो वेकेशन’ और संतुलित दृष्टिकोण
2024 की एक स्टडी में सुझाव दिया गया है कि कीटो डाइट को लगातार न फॉलो करें। 4-5 दिन की कीटो डाइट के बाद 2-3 दिन का ब्रेक लें। इससे शरीर को नुकसान नहीं होता और कीटोसिस का लाभ बना रहता है।

डॉक्टर की सलाह ज़रूरी
डाइट शुरू करने से पहले:

  • लिपिड पैनल और हार्ट चेकअप कराएं
  • हर 3-6 महीने में फॉलोअप ज़रूर करें

बेस्ट मॉडल: लो-कार्ब मेडिटेरेनियन डाइट
डॉ. वीस कहते हैं, “मैं खुद एक लो-कार्ब मेडिटेरेनियन डाइट फॉलो करता हूं।” यह डाइट:

  • फल, सब्ज़ियाँ, साबुत अनाज, जैतून का तेल, मछली और नट्स पर आधारित है
  • प्रोसेस्ड फूड्स से बचाव करती है
  • लंबी उम्र और हृदय रोगों से सुरक्षा से जुड़ी है

कीटो डाइट वजन घटाने में मदद कर सकती है, लेकिन लंबे समय तक फॉलो करना जोखिम भरा हो सकता है। अगर इसे अपनाना है, तो डॉक्टर और डाइटीशियन से सलाह लेकर स्मार्ट ब्रेक्स और संतुलित आहार के साथ आगे बढ़ें।

Leave A Reply

Your email address will not be published.