नहर-तालाब से दूर रखें बच्चों को, एक लापरवाही बन सकती है जिंदगी भर का दर्द : एसपी दीपक सहारन।

अभिभावक अपनी जिम्मेदारी निभाए, तो ऐसे दर्दनाक हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है : एसपी।

-गांवों के सरपंचों से अपील,गांव में मुनादी कराकर बच्चों को नदी,नालों या स्विमिंग पूल में जाने से रोकें।

ऐलनाबाद 07 जुलाई (एम पी भार्गव): गर्मी के मौसम में नहर, नदी, तालाब और नालों में नहाने के दौरान अतीत में हुए हादसों को देखते हुए सिरसा पुलिस प्रशासन समय-समय पर विशेष एडवाइजरी जारी कर लोगों को जागरुक कर रही है । एसपी दीपक सहारन ने जिले के लोगों, खासकर अभिभावकों से देसी अंदाज में साफ संदेश दिया है कि “बच्चों की जिद से ज्यादा उनकी जिंदगी जरूरी है।” उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों की रोजमर्रा की गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें किसी भी हाल में नहर, नदी, तालाब, नालों या स्विमिंग पूल के आसपास अकेले न जाने दें।

एसपी ने बताया कि हर साल गर्मी के मौसम में कई बच्चे और युवा नहरों व अन्य जलस्रोतों में नहाने के दौरान हादसों का शिकार हो जाते हैं। अक्सर बड़े बच्चों को देखकर छोटे बच्चे भी पानी में उतर जाते हैं, लेकिन तैरना नहीं आने के कारण उनकी जान जोखिम में पड़ जाती है। ऐसे हादसे पूरे परिवार को जिंदगी भर का दर्द दे जाते हैं। उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे खुद जलस्रोतों में नहाने से बचें और छोटे बच्चों के लिए अच्छी मिसाल बनें।

साथ ही आसपास के लोगों को भी पानी के खतरों के प्रति जागरूक करें, ताकि कोई भी परिवार ऐसी दुखद घटना का शिकार न हो। पुलिस प्रशासन ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे नियमित गश्त के दौरान नहर, नदी और तालाबों के आसपास विशेष निगरानी रखें। जहां जरूरत हो वहां चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। इसके अलावा जलस्रोतों के किनारे वाहन खड़े कर शराब या अन्य नशा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश भी जारी किए गए हैं।

एसपी दीपक सहारन ने ग्राम पंचायतों से भी सहयोग मांगा है। उन्होंने कहा कि गांवों में मुनादी कराकर लोगों को जागरूक किया जाए। यदि किसी को कोई बच्चा संदिग्ध परिस्थितियों में अकेला जलस्रोत के पास दिखाई दे तो उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर तुरंत पुलिस या उसके परिजनों को सूचना दें।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि सतर्कता, जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी ही बच्चों की सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है। यदि हर अभिभावक और नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाए, तो ऐसे दर्दनाक हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।

About The Author

Leave A Reply

Your email address will not be published.