नई दिल्ली: हिंदू धर्म में व्रत-उपवास को विशेष महत्व दिया गया है। विशेषकर सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य, पति की लंबी उम्र और घर की समृद्धि के लिए कई पावन व्रत रखती हैं। इन्हीं में से एक है कजरी तीज, जो भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। यह पर्व मां पार्वती को समर्पित होता है और इस दिन महिलाएं पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना करती हैं।
कजरी तीज 2025 कब है?
वैदिक पंचांग के अनुसार—
तृतीया तिथि प्रारंभ: 11 अगस्त 2025, सुबह 10:33 बजे
तृतीया तिथि समाप्त: 12 अगस्त 2025, सुबह 8:40 बजे
उदयातिथि के अनुसार कजरी तीज का व्रत 12 अगस्त 2025, मंगलवार को रखा जाएगा।
कजरी तीज पर बन रहे हैं दो शुभ योग
इस वर्ष कजरी तीज के दिन दो विशेष योग बन रहे हैं:
सुकर्मा योग: सुबह से शाम 6:54 बजे तक
सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 11:52 बजे से 13 अगस्त को सुबह 5:49 बजे तक
यह योग व्रत, पूजन और धार्मिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं।
कजरी तीज पूजा का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त पूजा समय: सुबह 4:23 बजे से 5:06 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:52 बजे तक
इन समयों में पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
कजरी तीज का धार्मिक महत्व
यह व्रत विशेष रूप से सुहागिन महिलाएं रखती हैं।
माता पार्वती और भगवान शिव की आराधना कर महिलाएं पति की दीर्घायु, दांपत्य जीवन की खुशहाली और घर की समृद्धि की कामना करती हैं।
मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से व्रत करने से जीवन में आ रही कठिनाइयों का अंत होता है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं। khabrejunction.com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.
