जयपुर: फर्जी आधार-पैन कार्ड रैकेट का खुलासा, स्कूल मैनेजर ने बनाया ऑनलाइन डॉक्यूमेंट जाल

नीरज मीणा का गिरोह फर्जी दस्तावेज तैयार कर रहा था

जयपुर: टोंक पुलिस ने साइबर क्रिमिनल नीरज मीणा को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, बर्थ सर्टिफिकेट और गाड़ी की आरसी जैसी सरकारी दस्तावेज़ तैयार करने का बड़ा रैकेट चला रहा था। आरोपी नीरज मीणा ने एक वेबसाइट बनाई थी, जिसके माध्यम से ये सभी दस्तावेज़ कुछ ही मिनटों में तैयार कर दिए जाते थे।

फर्जी वेबसाइट से तैयार होते थे सरकारी दस्तावेज़

नीरज ने अपनी वेबसाइट पर कोडिंग इस तरह से की थी कि वह आसानी से आधार कार्ड, पैन कार्ड, बर्थ सर्टिफिकेट और अन्य सरकारी दस्तावेज़ तैयार कर सकता था। यह वेबसाइट बाईपास करके आधार कार्ड डाउनलोड कर लेती थी, बिना ओटीपी के, जिससे दस्तावेज़ आसानी से संशोधित किए जा सकते थे। नीरज ने मैनुअली भी आधार कार्ड बनाने की सुविधा दी थी, जिसमें कोई भी सिक्योरिटी फीचर नहीं था।

फर्जीवाड़े में शामिल थे ई-मित्र संचालक और अन्य लोग

नीरज मीणा का रैकेट 28,000 से ज्यादा लोगों से जुड़ा हुआ था, जिनमें कई ई-मित्र संचालक भी शामिल थे। इन लोगों को नीरज ने अपनी वेबसाइट से जोड़ा था, जिससे वह फर्जी दस्तावेज़ों का निर्माण करते थे। वेबसाइट पर हर कार्य के लिए तय शुल्क था, जिसे ऑनलाइन पेमेंट से लिया जाता था। इसके द्वारा अब तक 16.50 लाख रुपए की कमाई की गई थी।

पोर्टल का नाम बदलकर बचने की कोशिश

नीरज मीणा और उसके गिरोह ने पुलिस और सरकारी संस्थाओं से बचने के लिए वेबसाइट का नाम बार-बार बदला। हालांकि, दिल्ली की आधार संस्था ने शक होने पर टोंक पुलिस को जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने नीरज को गिरफ्तार किया।

आरोपी का रिमांड और आगे की जांच

नीरज मीणा को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस ने आरोपी की वेबसाइट का नाम हाल ही में बदलकर “मित्रा” रखा था। मामले में पुलिस की जांच जारी है और नीरज के अन्य कनेक्शन्स का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

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