अनियमितताएं और गड़बड़ियों से एसएससी परीक्षा प्रणाली का ढह रहा है ढांचा : कुमारी सैलजा

विफल परीक्षा प्रणाली की जवाबदेही तय करे सरकार, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

ऐलनाबाद , 04 अगस्त ( एम पी भार्गव): अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि देश की प्रतिष्ठित एसएससी परीक्षा में बार-बार सामने आ रही अनियमितताएं और गड़बड़ियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वर्तमान भाजपा सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और निष्पक्ष रूप से संचालित करने में पूरी तरह असफल रही है। बार-बार विफल हो रही परीक्षा प्रणाली की जवाबदेही सरकार को तय करते हुए दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस बेरोजगार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।

मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा है कि हाल ही में, अनेक अभ्यर्थियों को 400-500 किलोमीटर दूर के परीक्षा केंद्रों पर भेजा गया, और वहां पहुंचते ही उन्हें सूचना दी गई कि परीक्षा रद्द कर दी गई है। यह कोई तकनीकी चूक नहीं, बल्कि एक असंवेदनशील और लापरवाह प्रशासनिक तंत्र का उदाहरण है। इस प्रकार के कार्य से युवाओं को मानसिक और शारीरिक परेशानी के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। और तो और, जब दूसरे पेपर में पूर्व प्रश्न दोहराए गए और छात्रों ने आपत्ति जताई, तो एसएससी ने यह कहकर टालने की कोशिश की कि बच्चे सरप्राइज़ हो जाते हैं। क्या यही है परीक्षा की गंभीरता और जवाबदेही? सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि अगर कोई गलती हुई है तो एसएससी को उसकी जिम्मेदारी लेते हुए युवा बेरोजगारों के साथ न्याय करना चाहिए। सांसद ने कहा कि जब छात्र अपनी आवाज उठाते हैं, विरोध करते हैं, तो उन पर लाठियां बरसाई जाती हैं।

सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि जो प्रश्न गलत होते हैं, उन्हें चैलेंज करने के लिए छात्रों से शुल्क लिया जाता है। इसमें साफ साफ गलती सरकार की होती है पर सरकार अपनी गलती के बावजूद छात्रों से वसूली करती है जो सरासर अन्याय है। पिछले 10 वर्षों में नीट, यूजीसी नीट, एसएसी जैसी 80 से अधिक परीक्षाओं में धांधली हुई है। केवल इस वर्ष, 85 लाख से अधिक युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। सांसद सैलजा ने सरकार से मांग की है कि एसएससी सहित सभी राष्ट्रीय परीक्षाओं के संचालन में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, परीक्षा केंद्र तय करने की प्रक्रिया को स्थिर और भरोसेमंद बनाया जाए, पेपर लीक और प्रश्नों की दोहराव जैसी चूकों पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए, छात्रों से ली जाने वाली आपत्ति शुल्क को समाप्त किया जाए। सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि देश का युवा अब चुप नहीं रहेगा। हम हर मंच से यह मांग उठाते रहेंगे कि सरकार इस विफल परीक्षा प्रणाली की जवाबदेही तय करे और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करना बंद करे।

About The Author

Leave A Reply

Your email address will not be published.