जानकारी भी देना होगी, सुनवाई भी करनी होगी, समाधान भी करना होगा, इससे बचा नहीं जा सकता : शैलेंद्र शर्मा
रामपुर। नगर पालिका परिषद द्वारा हाउस टैक्स को लेकर बुलाई गई बैठक में बड़ा विवाद खड़ा हो गया। बैठक के दौरान अधिशासी अधिकारी (ईओ) नगर पालिका चलती बैठक से कर निर्धारण अधिकारी समेत पूरे स्टाफ को उठाकर ले गए। इस पर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
शैलेंद्र शर्मा ने कहा कि यह अत्यंत अफसोसजनक और अपमानजनक है कि पालिका चेयरपर्सन की मौजूदगी में ही बुलाई गई बैठक में जब हम तर्कपूर्ण और तथ्यात्मक प्रश्न पूछ रहे थे तो अधिकारियों के पास कोई उत्तर नहीं था। जवाब देने के बजाय ईओ ने जानबूझकर नाराजगी का बहाना बनाकर पूरी बैठक को ही छोड़ दिया। यह रवैया जनता और व्यापारियों की आवाज़ को दबाने की कोशिश है।
उन्होंने कहा कि हम महीनों से ज्ञापनों और बैठकों के माध्यम से यह जानना चाह रहे हैं कि आखिर किस गणना और आधार पर हाउस टैक्स और वाटर टैक्स की इतनी अधिक दरें निर्धारित की गई हैं। चंपा धर्मशाला में हुई इस बैठक में स्पष्ट होना चाहिए था कि नगर पालिका पारदर्शिता के साथ टैक्स निर्धारण का आधार जनता और जनप्रतिनिधियों के सामने रखे, लेकिन ईओ का रवैया यह दर्शाता है कि वह संवाद नहीं करना चाहते।
शैलेंद्र शर्मा ने कहा कि हर समस्या का समाधान संवाद के जरिए ही संभव है और यही सर्वोत्तम विकल्प है। यदि नगर पालिका प्रशासन संवाद से बचता रहा और पारदर्शिता नहीं अपनाई, तो संगठन बड़े आंदोलन की तैयारी करेगा। उन्होंने व्यापारियों और नागरिकों से आह्वान किया कि वे एक लंबी लड़ाई के लिए तैयार रहें।
बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से आश्वासन दिया कि संगठन का हर व्यापारी अध्यक्ष के नेतृत्व में संघर्ष के लिए तैयार है और रामपुर की आम जनता के साथ मिलकर नगर पालिका प्रशासन की मनमानी का डटकर विरोध किया जाएगा।
