“अगर भारत ने सिंधु का पानी रोका तो खून बहेगा”: PPP प्रमुख बिलावल भुट्टो की धमकी
सिंधु जल संधि रोकने पर बिलावल भुट्टो का उग्र बयान
इस्लामाबाद: पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के चेयरमैन और पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी ने भारत द्वारा सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को निलंबित करने पर कड़ी चेतावनी दी है। सिंध प्रांत के सक्कर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “सिंधु नदी हमारी है और हमारी ही रहेगी — या तो उसमें हमारा पानी बहेगा या उनका खून।”
“मोदी सिंध और सिंधु के रिश्ते को नहीं तोड़ सकते”
बिलावल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि वे खुद को प्राचीन सभ्यता का उत्तराधिकारी बताते हैं, लेकिन असली सभ्यता तो सिंधु घाटी की है जो मोहनजोदड़ो और लरकाना में है। उन्होंने कहा, “हम इस सभ्यता के असली रक्षक हैं और हम इसकी रक्षा करेंगे।”
“पाकिस्तान के चारों प्रांत एकजुट होकर करेंगे पानी की रक्षा”
भुट्टो ने कहा कि सिंध और सिंधु के बीच हजारों साल पुराना संबंध है जिसे कोई नहीं तोड़ सकता। उन्होंने चारों प्रांतों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि भारत की पानी पर नजर है, और अब देश को एकजुट होकर इसका मुकाबला करना होगा।
“दुनिया को भेजेंगे संदेश – सिंधु पर डकैती बर्दाश्त नहीं”
PPP अध्यक्ष ने कहा कि पाकिस्तान और अंतरराष्ट्रीय समुदाय भारत की ‘युद्ध भड़काने’ वाली नीति और सिंधु नदी से पानी मोड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे सिंधु की रक्षा के लिए संघर्ष के लिए तैयार रहें।
“हम भी आतंकवाद के शिकार हैं, हमले की निंदा करते हैं”
भुट्टो ने पहलगाम हमले की निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान खुद भी आतंकवाद से पीड़ित है और निर्दोष लोगों की हत्या को जायज नहीं ठहराया जा सकता।
भारत ने कूटनीतिक संबंध घटाए, पाकिस्तान ने समझौते निलंबित किए
भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले (जिसमें 26 लोगों की मौत हुई) के बाद पाकिस्तान से कूटनीतिक संबंध घटा दिए। इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली थी।
इसके जवाब में पाकिस्तान ने भारत के साथ व्यापार बंद कर दिया, एयरस्पेस बंद किया और चेतावनी दी कि अगर सिंधु जल संधि के तहत मिलने वाले पानी को रोका गया तो इसे युद्ध की कार्यवाही माना जाएगा।
सिंधु जल विवाद के बीच छह नहरों पर सहमति बनी
बिलावल भुट्टो ने घोषणा की कि अब संघीय सरकार ने यह तय किया है कि छह नई विवादित नहरों का निर्माण तभी होगा जब सभी प्रांतों में सहमति बनेगी। उन्होंने कहा, “मैं यह साझा करना चाहता हूं कि अब कोई नई नहर तभी बनेगी जब CCI (काउंसिल ऑफ कॉमन इंटरेस्ट्स) में सर्वसम्मति हो।”
